सिरसा। कृषि विभाग किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के लिए जागरूक कर रहा है। इसके तहत एक से सात जुलाई तक नौवां फसल बीमा सप्ताह मनाया जा रहा है क्योंकि फसल बीमा के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार इस सप्ताह के आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को इस योजना की जानकारी देना और उन्हें इस योजना के तहत अधिकतम संख्या में पंजीकृत कराना है। इससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप या अन्य कारणों से फसल खराब होने की स्थिति में आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
कृषि विभाग से विषय विशेषज्ञ राकेश कुंट, गुण नियंत्रण निरीक्षक अमित कुमार, कृषि बीमा कंपनी के राज्य संयाेजक विजयदीप और जिला संयोजक विकास ने सभी किसानों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है। इसके लिए योजना के लाभ, प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में बताया जा रहा है।
विभागीय उपनिदेशक डॉ. सुखदेव सिंह ने बताया कि हरियाणा सरकार की अधिसूचना के अनुसार खरीफ सत्र 2025 के लिए जिले में कृषि बीमा कंपनी को अधिकृत किया गया है। इस योजना में धान, कपास, बाजरा, मूंग और मक्का की फसलें शामिल हैं। इन फसलों के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर की दर से बीमा प्रीमियम देना होगा। यह राशि धान की 2,124.98, कपास की 5,435.05, बाजरा की 1,024.36, मक्का की 1,089.74 और मूंग के लिए 953.50 रुपये होगी।
डॉ. सिंह ने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक के लिए यह योजना वैकल्पिक है। यदि कोई केसीसी धारक फसल बदलना चाहता है, तो उसे अंतिम तिथि से कम से दिन पहले यानी 29 जुलाई तक अपने बैंक में फसल परिवर्तन करवाना होगा। यदि कोई केसीसी धारक फसल बीमा नहीं करवाना चाहता है, तो उसे 24 जुलाई तक बैंक को लिखित में सूचित करना होगा।
यह जमा करवाने होंगे दस्तावेज
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इसके इच्छुक गैर-ऋणी किसान अपनी जमीन की फर्द, खसरा नंबर, बैंक पासबुक की प्रथम पृष्ठ की प्रति, आधार कार्ड, फसल बिजाई प्रमाणपत्र और मेरी फसल-मेरा ब्योरा पंजीकरण करवाने के बाद नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) से संपर्क कर सकते हैं। सीएससी प्रभारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करें। किसान का मोबाइल नंबर और ईमेल पर अवश्य दर्ज करें, ताकि बीमा कंपनी किसान से बीमा संबंधी सभी पत्राचार सीधे कर सके।
जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे समय पर अपनी फसलों का बीमा करवाएं और इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं, जिससे किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के खंड कृषि अधिकारी या बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं। - डॉ. सुखदेव सिंह कंबोज, उप निदेशक, कृषि विभाग, हरियाणा।