डबवाली। नागरिक अस्पताल में एंबुलेंस चालक चंद्रकांत ने वीरवार देर रात को एक नाबालिग के साथ छेड़छाड़ की। इस मामले की सूचना जैसे ही पुलिस को मिली चालक को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, डबवाली पुलिस ने पीड़िता युवती के विस्तृत बयान सिरसा चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष दर्ज करवाए हैं, जिसमें युवती ने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी दी।
शहर थाने से जांच अधिकारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष नाबालिग के बयान दर्ज करवा आरोपी एंबुलेंस चालक गांव नुहियांवली निवासी चंद्रकांत के खिलाफ पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया। अदालत के आदेशों पर चंद्रकांत को जेल भेज दिया।
अहम बात यह है कि एंबुलेंस चालक की डयूटी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक थी, लेकिन वह रात के समय एंबुलेंस कैसे लेकर गया था और अस्पताल के अंदर वह क्या कर रहा था। इस मामले में जहां अस्पताल प्रबंधन जांच कर रहा है। पुलिस भी सीसीटीवी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
बता दें कि बुधवार देर रात को अपने बीमार पिता के साथ एंबुलेंस में नाबालिग सरकारी अस्पताल उपचार के लिए आ रही थी। सरकारी अस्पताल के एंबुलेंस चालक चंद्रकांत ने नाबालिग से उसका मोबाइल लेकर उसमें अपना नंबर देने और गलत तरीके से छूने लगा। नाबालिग ने यह बात अपने पिता और दादी को बताई। इसके बाद परिजनों ने रात को ही एसपी निकिता खट्टर को सूचित किया। महिला सुरक्षा और मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत महिला थाना प्रभारी कमला को अस्पताल भेजा।
चिकित्सकों ने भी लगाई थी फटकार
रात के समय ड्यूटी डॉक्टर और इमरजेंसी के इंचार्ज हरसिमरन सिंह को जब नाबालिग के साथ चालक के दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी तो चिकित्सकों ने भी चालक को जमकर फटकार लगाई थी। चिकित्सकों को नाबालिग ने बताया था कि एसपी निकिता खट्टर की ओर से उनके स्कूल में गुड टच और बैड टच संबंधी जागरूकता कार्यक्रम किया गया था। इसी के चलते उसने अपने साथ हुए व्यवहार पर आवाज उठाई।
वर्जन इस मामले में जांच चल रही है। पुलिस की कार्रवाई के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस चालक के खिलाफ आगामी कार्रवाई की जा रही है। एंबुलेंस चालक की ओर से ऐसा व्यवहार करना निंदनीय है। - डॉ. सुखवंत सिंह, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल।