प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों को एंबुलेंस के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर ना मिलने के कारण मंगलवार शाम 6 बजे गांधी मार्केट में गाड़ियों को खड़ा कर हड़ताल कर दी। कोविड के दौरान प्रशासन की ओर से एंबुलेंस के लिए रेटों को निर्धारित किया गया था। साथ ही एंबुलेंस को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने की जिम्मेवारी भी प्रशासन की थी।
प्राइवेट एंबुलेंस के प्रधान गिरधारी लाल ने बताया कि बीती 5 मई को प्रशासन द्वारा एंबुलेेंस रेट निर्धारित किए थे। साथ ही प्रशासन द्वारा एंबुलेंस चालकों को ऑक्सीजन सिलिंडर देने की बात कही थी। लेकिन एंबुलेंस संचालकों को सुमित गैस एजेंसी द्वारा ऑक्सीजन नहीं दी जा रही। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग करने पर एजेंसी संचालक कहता है कि प्रशासन द्वारा 25 प्राइवेट एंबुलेंस की सूची तो आ गई है लेकिन प्रशासन ने अभी ऑक्सीजन सिलिंडर देने के निर्देश नहीं दिए है। एंबुलेंस संचालक विशाल कुमार ने बताया कि प्रशासन के आदेशों के बावजूद सिलिंडर नहीं दिया जा रहा। मरीज को शिफ्ट करने के लिए मरीज के परिजनों द्वारा सिलिंडर उपलब्ध करवाने के बाद उसे एंबुुलेंस में दूसरी जगह रेफर किया जाता है।
प्रतिदिन पांच एंबुलेंस को मिलेंगे पांच ऑक्सजीन सिलिंडर : शाम करीब सात बजे प्राइवेट एंबुुलेंस चालकों को उपायुक्त ने बैठक के लिए बुलाया गया। बैठक में फैसला लिया गया कि प्रतिदिन 5 एंबुलेंस को पांच ऑक्सीजन सिलिंडर दिए जाएंगे। जिले में 25 एंबुलेंस है। इसके तहत पांच-पांच के पांच ग्रुप बनाए गए हैं। इनके हिसाब से ही प्रतिदिन ऑक्सीजन के सिलिंडर दिए जाएंगे।