सिरसा।ग्रामीण किशन सिंह खालसा प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए। विज्ञप्ति
सिरसा। गांव चामल के ग्रामीणों ने गांव में मनरेगा का कार्य देख रहे मेट वेदप्रकाश पर धांधली के आरोप लगाए हैं। शिकायतों पर कार्रवाई न होने पर उपायुक्त कार्यालय में धरने की चेतावनी दी है। वहीं, इस मामले में मेट ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने आठ सितंबर को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं।
वीरवार को ग्रामीण किशन सिंह खालसा ने बताया कि करीब 150 ग्रामीणों का मनरेगा के तहत पंजीकरण है। इसमें मनरेगा मेट ने अपने चहेतों व परिवार के लोगों को शामिल किया हुआ है। मेट की ओर से फर्जी तरीके से इन सभी की हाजिरी लगाई जा रही है और सरकार पैसे का गबन किया जा रहा है।
खालसा ने कहा कि पिछले लंबे समय से गांव में ये सिलसिला चल रहा है। जैसे ही उन्हें इस संबंध में पता चला तो उन्होंने तुरंत इस संबंधी मनरेगा मेट से बात की, लेकिन उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। पंचायत से भी इस संबंधी बातचीत की गई, लेकिन पंचायत ने भी उन्हें बिना कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
इस पर उन्होंने बीडीपीओ से लेकर उपायुक्त तक को शिकायत दी गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया कि अगर जल्द इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें मजबूरन उपायुक्त कार्यालय में धरना देने को मजबूर होना पड़ेगा।
-सभी आरोप निराधार हैं। मैंने 8 सितंबर को ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। लेबर चाहे तो मेट का नाम देकर काम शुरू करवा सकती है। पंचायत भी काम करवाने के हक में है। कुछ लोग हैं, जो काम में बांधा डाल रहे हैं।
- वेदप्रकाश, मनरेगा मेट, चामल।