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‘पंडित’ के फतेहाबाद सीमा में प्रवेश करते ही काफिले में शामिल हो जाता था जैमर

Sat, 23 Jan 2016 01:36 AM IST
ब्ययूराो/अमर उजाला /सिरसा
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अजय पंडित की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश के कई सीनियर आईपीएस अधिकारी आैर उनकी कार्यप्रणाली निशाने पर आ गई हैै। अधिकारियों की मेहरबानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ठग अजय पंडित जब सिरसा आता तो फतेहाबाद सीमा में प्रवेश करते ही  उसके सुरक्षा के काफिले में जैमर तक शामिल कर दिया जाता था। 
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बेशक जैमर केवल गृह विभाग की अनुमति पर जेड प्लस सुरक्षा श्रेणी में आने वाले वीवीआईपी को दिया जाता है। लेकिन अजय पंडित के करीबी आईपीएस अधिकारियों, सीआईडी के अफसर उसकी शान शौकत बढ़ाने के लिए सारी सुविधाएं मुहैया करवाते थे। चार पायलट और चार एस्कॉट गाड़ियां उसके सुरक्षा काफिले में शामिल थी। इसमें से दो पायलट व दो एस्कॉट हरियाणा पुलिस के थे। 

जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 में सिरसा और हिसार पुलिस के आठ जवान अजय पंडित की सुरक्षा में भेज दिए गए। पंडित के सुरक्षा काफिले में बीस सरकारी गनमैन साथ चलते थे। अब सवाल यह है कि प्रदेश में केवल राज्यपाल, मुख्यमंत्री व डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को िमलती है।
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 प्रदेश में इन्हीं तीनों के काफिले में जैमर भी इस्तेमाल होता है। अब ऐसे में एक प्रॉपर्टी कारोबारी का हरियाणा पुलिस इतना ख्याल क्यों रखती थी, इसकी तहकीकात की जा रही है। पुलिस की मानें तो अभी और भी ठगी सामने आ सकती है। 

यूपी में एक सभा का था प्रधान
1997 में हरियाणा में शराब बंदी लागू होने के दौरान अजय शर्मा सिरसा से बाहर चला गया। उसने फरीदाबाद से अपने कारोबार की शुरुआत की। इसके बाद गुड़गांव में एक व्यक्ति जोकि रॉबर्ट वाड्रा का नजदीकी बताया जाता है, उसके साथ अजय पंडित का जुड़ाव हुआ।

फिर दोनों ने प्रॉपर्टी के धंधा उच्च लेवल पर शुरू किया। कई बड़े शराब ठेकेदारों से उसके संबंध हो गए। यूपी में उसे एक सभा का प्रधान भी बनाया गया। करोड़ों रुपये पास आते ही उसने दिल्ली को ही ठिकाना बना लिया। वही पर बंगला व फार्म हाऊस बनाया। 2011 में अजय शर्मा अजय पंडित के रूप में वापस सिरसा आया।

2011 में सिरसा में सरजू को देख दंग रह गए थे लोग
साल 2011 में सिरसा शहर के रोड़ी बाजार में भारी सुरक्षा काफिले के साथ एक लग्जरी गाड़ी आकर रुकी। सुरक्षा में हरियाणा, पंजाब व दिल्ली पुलिस के जवान तैनात थे। एक पायलट व तीन एस्कॉट गाड़ी देखकर सिरसा वासियों ने सोचा कोई बड़ा मंत्री आया है। इतनी सुरक्षा कैबिनेट मंत्री के पास भी नहीं होती।

लग्जरी गाड़ी से अजय पंडित जिसे उसके दोस्त सरजू के नाम से पुकारा करते वह नीचे उतारा और शोरूम में दाखिल होकर दस मिनट बाद बाहर आया। सुरक्षा कर्मचारियों ने आसपास किसी को भी फटकने नहीं दिया। सुरक्षा काफिला सायरन बजाता हुआ शहर भर में घूमता रहा। इसके बाद तो अजय पंडित के काफिले में जैमर तक शामिल होने लगा। हरकोई उसकी सुरक्षा देखकर दंग रहने लगा। एक कारोबारी को जेड प्लस जैसी सुरक्षा स्थानीय नेताओं को भी चौंकाती रहती। कुछ एक नेताओं ने अधिकारियों से पूछा तो कभी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

फिल्म से प्रभावित होकर सरनेम किया ‘पंडित’
पिता का हाथी पार्क समक्ष एक क्लीनिक होता था। एक फिल्म से प्रभावित होकर अजय शर्मा ने अपना अजय पंडित रख लिया। अजय पंडित दसवीं कक्षा में फेल हो गया था।

उस समय उनका घर मालगोदाम रोड पर था और आर्थिक हालत भी बेहद खराब थी। अब सिरसा में अजय पंडित ने हुडा सेक्टर 20 में एक कोठी खरीद रखी है। वो जब भी सिरसा आता है जो इसी कोठी में ठहरता है। वैसे उसके परिजन चार दिन पहले तक इसी कोठी में रहते थे, लेकिन पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से कोठी में ताला लगा है। कोठी के समक्ष सुरक्षा गार्ड के ठहरने की जगह बनी हुई है।

एक दशक में हवाई चप्पल से हवाई जहाज तक का सफर
आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते अजय पंडित वर्ष 1997 में दिल्ली गया। कभी हवाई चप्पल पहनने वाला अजय उर्फ सरजू ने एक दशक में इतना रुपया कमा लिया कि वह सीधा हवाई जहाज से सिरसा आने लगा। कभी उसका चार्टर प्लेन तो कभी हेलीकॉप्टर सिरसा के आसमान पर काफी चक्कर लगाने के बाद एयरफोर्स स्टेशन पर उतरता। सभी लोग हैरान है कि एक दशक में इतना रुपया आखिरकार किस काम से अजय पंडित के पास आया। सिरसा वासी तो यही जानते हैं कि सोनियां गांधी के दामाद के साथ वह काम करता है।

इसीलिए उसने सोनियां गांधी एसोसिएशन बनाई। अजय पंडित इस एसोसिएशन का राष्ट्रीय अध्यक्ष है। करीब डेढ़ वर्ष  पहले तक तो जब भी अजय पंडित ने सिरसा आना होता तो एक दिन पहले ही सिरसा के चप्पे-चप्पे पर उसके आगमन पर बधाई वाले बड़े-बड़े पोस्टर लगाए जाते। अजय पंडित काफी रुपया दान में खर्च करता है। उसने लाखों रुपये गोशाला व मंदिर निर्माण पर दिए।

हुडा सेक्टर में मंदिर का निर्माण करवाया। इसके अलावा गरीब कन्याओं की शादी के लिए रुपया भी दिया। इन दिनों उसने सिरसा के एक शराब कारोबारी के साथ मिलकर राजस्थान स्थित श्री सालासर धाम मेें काफी बड़ा होटल बनाने के लिए वहां काफी जमीन खरीदी है।
साल 2014 के विधानसभा चुनाव में तो सिरसा में यही चर्चा थी कि कांग्रेस की टिकट पर अजय पंडित सिरसा विस से चुनाव लड़ेगा और पूर्व मंत्री गोपाल कांडा से उसका कांटेदार मुकाबला होगा।
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