सिरसा। जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन त्याग, पराक्रम, नेतृत्व और महिला सशक्तीकरण की मिसाल है। वे कठिन परिस्थितियों में कुशल प्रशासक बनीं, अपने कार्यकाल में जनकल्याण और महिला सशक्तीकरण के अनेक कार्य किए। वे शनिवार को अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर अलीकां स्थित नेहरू निजी आईटीआई में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे।
इस दौरान गगंवा ने अहिल्याबाई होल्कर के जीवन-सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होेंने कहा कि हम सभी संत-महापुरूषों के इतिहास को जाने और उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करें।
उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने उस दौर में सती प्रथा का विरोध किया, महिलाओं के लिए सेना का गठन किया और युद्ध टालने के लिए उनकी कूटनीति की आज भी सराहना होती है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए बनाई गई बावड़ियां और कुएं आज भी मौजूद हैं, जो उनकी दूरदर्शिता और सेवा भावना का प्रतीक हैं।
कैबिनेट मंत्री गंगवा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में संत-महापुरूषों की जयंती मनाने की शुरूआत की और वर्तमान में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार संत-महापुरुषों की जयंती मनाते हुए उनके आदर्शों-शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचा रही है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में आरक्षण एक ऐतिहासिक कदम है। आज हर दूसरे गांव में महिला सरपंच हैं। प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं को समान अधिकार मिला है। ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमारी सेना ने अदम्य साहस और रणनीति का परिचय देते हुए पाकिस्तान को घुटनों के बल लाने का कार्य किया।
इस मौके पर डबवाली जिलाध्यक्ष भाजपा रेणू शर्मा, चेयरमैन देवकुमार शर्मा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष बेगो रानी, बलदेव सिंह मांगेआना, सतीश जग्गा, विजयंत शर्मा, हरविंदर रोड़ी, सुनील जिंदल, हरजिंद्र सिंह, महिंद्र बांसल, जसवंत जाखड़, सुखवीर वर्मा, नवदीप सिंह, मनीष मोंगा, बलजीत सिंह आदि मौजूद रहे।