मंत्री ने मौजूदा विधायक और पूर्व विधायकों से मंडियों का निरीक्षण करने और जहां भी व्यवस्थाओं की कमी हो, उसे पूरा करवाने का आग्रह किया। उन्होंने धान खरीद प्रक्रिया पर भी बात की और कहा कि किसानों व आढ़तियों की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा।
प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने रविवार को जिले की मंडियों का दौरा किया और धान की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों और किसान नेताओं से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। कालांवाली में एक पत्रकार वार्ता के दौरान, मंत्री ने कपास के बेहतर बीज उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण घोषणा की।
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कपास बीज पर विशेष ध्यान
कृषि मंत्री ने कहा कि धान के रकबे को कम करने के लिए सरकार कपास और अन्य फसलों पर प्रोत्साहन राशि दे रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि कॉटन दाल और अन्य उत्पाद बाहर से आयात करने पड़ते हैं, और स्थानीय उत्पादन बढ़ाने से आयात पर निर्भरता कम होगी। इस दिशा में, उन्होंने आश्वासन दिया कि वे कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से बातचीत करेंगे ताकि किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले कपास के बीज उपलब्ध कराए जा सकें।
मंडियों की व्यवस्था और धान खरीद
मंत्री ने मौजूदा विधायक और पूर्व विधायकों से मंडियों का निरीक्षण करने और जहां भी व्यवस्थाओं की कमी हो, उसे पूरा करवाने का आग्रह किया। उन्होंने धान खरीद प्रक्रिया पर भी बात की और कहा कि किसानों व आढ़तियों की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अलग-अलग ढेरी होनी चाहिए और नमी व सफाई का ध्यान रखा जाना चाहिए, क्योंकि इससे दिक्कतें आती हैं। यदि कहीं जगह या शेड की कमी है, तो मंडी सचिव और प्रधान से संपर्क करने पर नियमानुसार जगह उपलब्ध करवाई जाएगी।
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नहरी पानी की उपलब्धता
कृषि मंत्री ने नहरी पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जहां भूमिगत नमकीन पानी है, वहां नहरी और ट्यूबवेल का मिश्रित पानी उपलब्ध कराने के लिए सिंचाई मंत्री से बातचीत की जाएगी।