फसल बीमा क्लेम को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पांच किसान
चोपटा (सिरसा)। फसल बीमा क्लेम की मांग को लेकर गांव नारायण खेड़ा में पानी की टंकी पर चार किसान तीन दिन से आंदोलनरत हैं। शुक्रवार से पांच किसानों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। एसडीएम राजेंद्र सिंह ने शुक्रवार को किसानों से आंदोलन खत्म करने का आग्रह किया। हालांकि किसानों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन को समाप्त करने से इन्कार कर दिया। किसानों ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर आजादी का जश्न पानी की टंकी पर ही मनाएंगे।
जिले के कई किसान पिछले 91 दिनों से फसल बीमा योजना क्लेम की मांग को लेकर लगातार धरना दे रहे थे। बुधवार को सरकार की नीतियों से क्षुब्ध होकर चार किसान दिवान सहारण, नरेंद्र पाल, भरत सिंह व नरेंद्र सिंह गांव नारायणखेड़ा की पानी की टंकी पर चढ़ गए और विरोध आरंभ कर दिया। अभी भी दिवान सहारण व नरेंद्रपाल बीमार चल रहे हैं। वहीं, एहतियात के तौर पर मौके पर एंबुलेंस व अग्निशमन वाहन को उपलब्ध करा दिया है।
पांच किसान बैठे आमरण अनशन पर
गांव नारायणखेड़ा में शुक्रवार को पांच किसानों ने भी आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा कर दी है। गांव रामपुरा ढिल्लों निवासी किसान नंदलाल ढिल्लों, डिंग मंडी निवासी, किसान ओमप्रकाश, गुडियाखेड़ा निवासी किसान महाबीर व शाहपुरिया निवासी सतबीर सहारण व शक्कर मंदौरी निवासी किसान बिजेंद्र सहारण शुक्रवार को आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। इन किसानों ने बताया कि शनिवार से महिलाएं भी आमरण अनशन में शामिल होंगी।
नहीं मिल रहा 2022 का बीमा क्लेम
किसान भरत सिंह ने बताया कि जिले के सभी गांवों के किसानों को फसल खराबे की करोड़ों रुपये का बीमा क्लेम अभी तक किसानों को नहीं दिया गया है। 2022 का फसल बीमा क्लेम अभी तक रुका हुआ है और किसान बार-बार चक्कर काटकर मजबूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनको समय पर बीमा क्लेम नहीं दिया गया तो आंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।