फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों की हड़ताल : आधे कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा

Thu, 30 Jun 2016 12:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
विज्ञापन
विरोध - फोटो : Bureau
विज्ञापन
प्रदेश की 23 सब डिवीजनों को निजी हाथों में देने, आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को काम से निकालने तथा नियमित कर्मचारियों को स्थानांतरण करने के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मचारियों ने हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन के बैनर तले हड़ताल शुरू कर दी। इस दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन आधे से अधिक कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए और उन्होंने बिजली आपूर्ति का कार्य संभाला।
विज्ञापन


कार्य पर रहे सभी कर्मचारियों को कार्यालयों के कामकाज की बजाय बिजली आपूर्ति की सेवाओं पर ही तैनात रखा गया। लोगों को परेशानी नहीं हुई।

उक्त मांगों को लेकर बिजली कर्मियों ने जिले की तीनों सर्कलों में बुधवार सुबह से हड़ताल शुरू कर दी। सिरसा में बस स्टेंड के सामने स्थित भगवान विश्वकर्मा चौक के पार्क में बिजली कर्मचारियों हड़ताल पर बैठे। हड़ताल में नियमित कर्मचारियों के साथ आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी शामिल हुए।

बुधवार सुबह हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी, हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन आदि द्वारा सरकार से सब डिवीजनों को निजी हाथों में न सौंपने देने, ठेका प्रथा बंद कर रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने, कच्चे व पार्ट टाइम कर्मचारियों को पक्का करने तथा तब तक न्यूनतम वेतन देने, वर्कलोड के अनुसार नए पद सृजित करने, आरक्षित श्रेणियों के बैकलॉग को भरने, वेतन विसंगतियां दूर करने, जेई का ग्रेड पे 4200 रुपये करने, प्रोमोशन कोटा 50 प्रतिशत करने, ऑफिस व फील्ड कर्मियों के वेतन को एक समान करने, बिजली चोरी पकड़ने वाले अधिकारियों की सुरक्षा का प्रबंध करने, पूर्व सरकार द्वारा घोषित 800 मेगावाट का पावर प्लांट लगाने, रिस्क अलाउंस पांच हजार रुपये प्रतिमाह करने, कर्मचारियों को 500 व अधिकारियों को 1000 यूनिट नि:शुल्क देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा देने, कच्चे व पक्के कर्मचारियों के लिए एक्सग्रेसिया नीति लागू करने, निदेशक मंडल में यूनियन के प्रतिनिधियों को शामिल करने जैसी जायज मांगें की जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार उनकी मांग पूरी करने के बजाय निजीकरण को बढ़ावा देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज दिया जाएगा।
विज्ञापन


अनेक यूनियनों ने भी दिया समर्थन
मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे बिजली कर्मचारियों के समर्थन में विभिन्न विभागों की यूनियनों ने भी अपना समर्थन देते हुए धरने पर उपस्थिति दर्ज करवाई। इससे पहले हरियाणा रोडवेज वर्कर्ज यूनियन, हरियाणा एजूकेशन मिनिस्ट्रियल स्टाफ एसोसिएशन, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन, जन संगठन मंच, वन विभाग वन मजदूर यूनियन, नागरिक अस्पताल के कच्चा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों व सदस्यों ने लघु सचिवालय में पड़ाव डाला। यहां जनसंगठन मंच ने बिजली कर्मचारियों की मांगों व हड़ताल को जायज करार देते हुए डीसी को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा और 23 उपमंडलों का ठेका रद्द करने, वर्कलोड के अनुसार बिजली निगमों में रिक्त पड़े 70 हजार पदों पर नियमित भर्ती करने, पावर कॉर्पोरेशन के घाटों की कैग द्वारा जांच करवाने की मांग की। इसके बाद सभी यूनियनों के पदाधिकारी व सदस्य रोष प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय से बस स्टेंड के पास स्थित भगवान विश्वकर्मा चौक पार्क पर आकर बिजली कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठ गए।

853 कर्मी रहे हड़ताल पर
हड़ताल पर जिले के तीनों सर्कलों में कार्यरत 853 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। पक्के कर्मचारी 69.19 प्रतिशत और कच्चे कर्मचारी 33.24 प्रतिशत हड़ताल में शामिल हुए। कुल स्थायी 873 कर्मचारियों में से 604 कर्मचारी हड़ताल पर गए जबकि अस्थायी 749 में से 249 कर्मचरी हड़ताल में शामिल हुए। सिरसा सर्कल ऑफिस में 14 नियमित कर्मचारी हैं, जिनमें से चार, सिटी डिवीजन में 298 में से 214, सब अर्बन डिविजन में 335 में से 240 तथा डबवाली डिवीजन में 226 में से 146 नियमित कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। वहीं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बात की जाए तो सर्कल ऑफिस में किसी ने हड़ताल नहीं की, जबकि सिटी डिविजन में 252 में से 46 ने, सब अर्बन डिविजन में 294 में से 135 तथा डबवाली डिविजन में 193 में से 68 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।

हड़ताल में शामिल कर्मियों की करवाई  वीडियोग्राफी
सरकार के निर्देशानुसार हड़ताल करने वाले कर्मचारियों की बिजली निगम अधिकारियों द्वारा वीडियोग्राफी करवाई जा रही है, जो दो दिन तक चलेगी। इसके बाद वीडियोग्राफी तथा अनुपस्थित रहने वाले नियमित व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का रिकॉर्ड सरकार के पास भेज दिया जाएगा। सिरसा बिजली निगम के एसई आरके वर्मा ने बताया कि हड़ताल के मद्देनजर बिजली से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए गत रात को ही हैड ऑफिस से 15 अधिकारियों को यहां पर भेज दिया गया था, जिन्हें सुबह पांच बजे से ही विभिन्न डिविजनों में ड्यूटी पर भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल हड़ताली कर्मचारियों को हटाने या निष्कासित करने का कोई निर्देश नहीं है। वीडियोग्राफी भेजने के बाद सरकार के जो निर्देश होंगी वैसी ही कार्रवाई हड़ताली कर्मियों पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल दौरान आमजन को बिजली से संबंधित किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी और शिकायत केंद्र पर जो भी शिकायत आएगी, उसे दूर करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रत्येक डिविजन में आउटसोर्सिंग आधार पर कर्मचारी रख लिए गए हैं।

दिन भर रही पुलिस की तैनात
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के दृष्टिगत दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने हड़ताल वाले स्थल के आसपास तथा बिजली निगम के सभी कार्यालयों पर पांच पांच  पुलिस कर्मचारी व पीसीआर तैनात कर दी हैं। वहीं सरकार द्वारा भएस्मा लगाने व प्रशासन द्वारा धारा 144 लागू करवाने के बावजूद जहां बिजली कर्मचारी करीब 150 की संख्या में हड़ताल पर बैठे तो वहीं विभिन्न यूनियनों द्वारा उनके समर्थन में निकाले गए रोष प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भी धारा 144 की उल्लंघना की। उधर जिले के सभी डीएसपी और सभी थाना प्रभारी अपने अपने क्षेत्र में कमान संभाले हुए थे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें