निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की ओर से पिछले ढाई महीने से आंदोलन किया जा रहा है। इसी को लेकर शनिवार को सर्व कर्मचारी संघ व कर्मचारी महासंघ के सभी विभागों के कर्मचारियों ने स्थानीय बस स्टैंड के निकट जोरदार रोष प्रदर्शन करते हुए एस्मा की प्रतियां फूंकी।
कई सरकारी विभागों के सैकड़ों कर्मचारी शनिवार सुबह बस स्टैंड पर इकट्ठे हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान मदनलाल खोथ व आत्माराम सहारण ने की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए बिजली समेत सभी पब्लिक सेक्टरों को प्राइवेट हाथों में देना चाहती है। जब कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ एकजुट होकर लड़ते हैं तो सरकार बातचीत का रास्ता न अपनाकर कर्मचारियों की आवाज को दबाने के लिए कच्चे कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है तथा एस्मा जैसे काले कानून को कर्मचारियों पर लगाने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी 29 व 30 जून को दो दिन की हड़ताल शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे। अगर सरकार ने हड़ताल को दबाने के लिए ओछे हथकंडों का इस्तेमाल करना बंद नहीं किया तो सर्व कर्मचारी संघ व महासंघ के कर्मचारी बिजली कर्मचारियों के समर्थन में आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
इस मौके पर राजमंदिर शर्मा, करणी सिंह भाटी, मदन लाल, विनोद कुमार, सुरेश मंगल, विजल कुमार, सतिंद्र मोंगा, राय साहब, देवेंद्र सिंह, भरत लाल, राकेश कुमार, नरेंद्र कुमार, राय सिंह, सुनील दत्त, जितेंद्र सिंह, नेकीराम, सतबीर साहुवाला, अशोक बालाण, रामनारायण रोडवेज, डा. मेहरा, दलबीर सोढी, मास्टर शमशेर, बलबीर पनिहारी, सतीश जेई, देव आनंद सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित थे।