टीम द्वारा मैच जीतने पर विक्ट्री बना खुशी जाहिर करते उनके सविता पूनिया के माता पिता ।
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सिरसा। भारत की महिला हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रच दिया है। महिला हॉकी टीम ने क्वार्टर फाइनल मैच में आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर पहली बार सेमीफाइनल में पहुंच है। इस मैच में गुरजीत कौर के गोल और रक्षा पंक्ति के बेहतरीन प्रदर्शन से भारतीय महिला हॉकी टीम ने तीन बार सोना जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर पहली बार ओलंपिक के सेमीफाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। वहीं टीम और सविता के बेहतरीन प्रदर्शन पर परिजनों ने खुशी जाहिर की।
सविता पूनिया के पिता महेंद्र पूनिया ने कहा सभी के प्रयासों से ही टीम सेमीफाइनल में पहुंच पाई है। क्वार्टर फाइल के बाद बेटी सविता पूनिया का फोन आया था, वह बहुत खुश थी और बोली की आगे अभी दो पड़ाव और हैं उसे पार कर इस बार मेडल लेकर ही लौटेंगे। क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद टीम का जोश और बढ़ गया है। सविता ने फोन पर कहा कि आज उसका सबसे बड़ा दिन है कि ओलंपिक में हॉकी का सेमीफाइनल खेलेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय महिला हॉकी टीम कड़ी मेेहनत के बाद इस मुकाम तक पहुंची है। इस बार की जीत में सविता भी भागीदार होगी। सेमीफाइनल खेलने से पहले उनके पास रणनीति बनाने का समय होगा। उम्मीद है कि इस बार पुरुष व महिला हॉकी टीमें ओलंपिक में जरूर मेडल लेकर आएंगी।
घर पर बना खुशी का माहौल, रिश्तेदार भी दे रहे बधाई
महिला हॉकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने का पता चलने के बाद सविता पूनिया के गांव जोधकां में खुशी का माहौल बना हुआ है। गांव की बेटी द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन करने पर गांव वासियों ने खुशी जाहिर की है। वहीं सविता पूनिया के रिश्तेदार भी उसके घर पर पहुंचकर और फोन के माध्यम से बधाई दे रहे है। सविता की मां लीलावती ने कहा कि बेटी ने खेल में अच्छा प्रदर्शन किया है। जिससे उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार महिला हॉकी टीम गोल्ड मेडल लेकर ही टीम वापस देश लौटेगी।