सिरसा। सिरसा डबवाली हाईवे पर सुबह साढ़े 9 बजे छाई धुंध। संवाद
- फोटो : अमर उजाला में छपी अपनी खबर पढ़ती बाल वैज्ञानिक पूजा पाल।
सिरसा। तीन दिन बाद मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। रविवार सुबह जिलेभर में घनी धुंध छाई रही, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह के समय दृश्यता काफी कम रही और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। हालांकि करीब 10 बजे के बाद धूप निकलने से लोगों को राहत मिली और धुंध धीरे-धीरे छंटने लगी।
धुंध के कारण सार्वजनिक परिवहन पर भी असर पड़ा। रोडवेज बसें अपने निर्धारित समय से देरी से रवाना हुईं, वहीं कई रूटों पर बस चालकों को एहतियात के तौर पर धीमी गति से वाहन चलाने पड़े। रेलवे यातायात भी प्रभावित रहा। गोरखधाम एक्सप्रेस पांच घंटे देरी से चली। रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की कि वे घर से निकलने से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।
तापमान में गिरावट आने से ठिठुरन बढ़ी
दिन में रही पूरा दिन धूप दिन में हल्की धूप निकलने से मौसम सामान्य बना रहा। रात के समय में तापमान में गिरावट आने से ठिठुरन बढ़ी है और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि धुंध और ठंड का यह मौसम फसलों के लिए लाभदायक साबित होगा। विशेषकर गेहूं और सरसों की फसल के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। ठंड के कारण फसलों में नमी बनी रहती है, जिससे पौधों की बढ़वार बेहतर होती है। सरसों में दाने भरने की प्रक्रिया तेज होती है, वहीं गेहूं की बालियों के विकास में भी मदद मिलती है। किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह का मौसम कुछ दिनों तक बना रहा तो पैदावार में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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अधिकतम व न्यूनतम तापमान में हुई बढ़ोतरी
रविवार को मौसम में परिवर्तन देखा गया। इसके चलते अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भी बदलाव नजर आया। इस दौरान तापमान में बढ़ोतरी दिखी। अधिकतम तापमान में एक डिग्री और न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान रविवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं शनिवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री रहा था।