गांव चौटाला की 70 वर्षीय वृद्धा का शव सात दिन बाद सूरतगढ़ (राजस्थान) रकबा में नहर से बरामद हुआ है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसके वारिसों को सौंप दिया। उधर पुलिस ने मुख्य आरोपी को संरक्षण देने के जुर्म में उसकी मां को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस छापामारी जारी है।
बीती 6 फरवरी को 70 वर्षीय तुलसा देवी आसाखेड़ा रोड पर स्थित डेरा सच्चा सौदा के नामचर्चा घर में सत्संग सुनने के लिए गई थी। सत्संग सुनने के बाद वे घर वापस लौट रही थी कि शाम करीब सवा तीन बजे एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। कार सवार दो युवक वृद्धा इलाज करवाने के लिए तैयार हो गए। अस्पताल ले जाने की बात कहकर उन्हें कार में डाल लिया और फरार हो गए थे।
पुलिस ने अस्पतालों में वृद्धा को काफी तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली। पुलिस ने श्री मुक्तसर साहिब में एक वर्कशाप पर खड़ी कार को काबू क र लिया था। आरोपियों की पहचान होने पर पुलिस ने दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई, जिसमें सामने आया था कि आरोपी मुक्तसर से छह किलोमीटर दूर गांव भुल्लर में राजस्थान कैनाल पर गए थे। पुलिस ने संदेह जताया कि तुलसा देवी को आरोपियों ने नहर में फेंक दिया है। नहर में तलाश आरंभ हुई। शनिवार को सूरतगढ़ के निकट उनका शव नहर में दिखाई दिया। शव को बाहर निकाला गया। परिजनों ने उसकी पहचान की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसके वारिसों को सौंप दिया।
आखिरी बार हुई थी बात
घटना वाले दिन आखिरी बार 5 बजकर 20 मिनट पर परिजनों ने वृद्धा के मोबाइल पर कॉल की थी। फोन कार सवारों ने उठाया था। उनका कहना था कि वे मुक्तसर में हैं। वृद्धा बिल्कुल स्वस्थ हैं। हाथ पर मामूली चोट है। उन्होंने मरहम पट्टी करवा दी है। इसके बाद फोन बंद आया।
मां को गिरफ्तार किया
कार सवारों की पहचान जगमीत तथा मनप्रीत सिंह निवासीगण श्री मुक्तसर साहिब के रूप में हुई है। पुलिस पिछले सात दिनों से आरोपियों को तलाश रही है। पुलिस ने आरोपियों को छिपाने के जुर्म पर जगमीत की मां हरबंस कौर को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि हरबंस कौर ने अपने बेटे को भगाने में मदद करते हुए उसे पैसे दिए थे।
वृद्धा का शव मिल गया है। पोस्टमार्टम के बाद उसे वारिसों को सौंप दिया गया। आरोपियों की तलाश में सदन, चौटाला चौकी तथा सीआईए डबवाली पुलिस जुटी हुई है। संदिग्ध स्थानों पर छापामारी जारी हे।
-बलवीर सिंह, प्रभारी पुलिस चौकी, चौटाला