लूटी गई रकम से बठिंडा शहर में पत्नी के नाम मकान बनाकर रह रहा वारदात का मास्टर माइंड मंगलवार को न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। 5 दिसंबर 2013 को चौटाला के आढ़ती प्रेमचंद जैन के मुनीम बजरंग लाल तथा किशोर कुमार नरमा-कपास के बदले 12 लाख 13 हजार 750 रुपये की रकम लेने के लिए डबवाली की पुरानी अनाज मंडी में कमीशन एजेंट वेदप्रकाश के पास आए थे।
करीब साढ़े चार बजे दोनों बाइक पर चौटाला की ओर रवाना हुए। करीब पांच बजे गांव सुकेराखेड़ा-आसाखेड़ा के बीच पीछे से आए एक बाइक ने उनके आगे अपना बाइक लगा लिया। जिस पर मंकी केप पहने तीन युवक सवार थे। उनमें से एक ने बाइक चालक किशोर कुमार की कनपटी पर पिस्तौल लगाकर बाइक के बैग में रखी नगदी निकाल ली और तीनों वापस डबवाली की ओर फरार हो गए थे।
चौटाला पुलिस ने मामला दर्ज किया था। सीआईए डबवाली के प्रभारी एएसआई राकेश कुमार ने अपनी टीम के साथ लूट की गुत्थी को सुलझाते हुए अशोक कुमार उर्फ सोनू पुत्र सतपाल शर्मा, वार्ड नंबर एक डबवाली, राजकुमार उर्फ राजू पुत्र रिखी राम शर्मा निवासी वार्ड तीन, रिंकू पुत्र मदन लाल मोंगा निवासी वार्ड 10 डबवाली को काबू किया था।
यूं बनी थी योजना
आरोपी रिंकू कमीशन एजेंट वेदप्रकाश के पास बतौर मुनीम कार्यरत था। जबकि राजकुमार उर्फ राजू उपरोक्त कमीशन एजेंट का कार चालक था। पांच दिसंबर 2013 को जब बजरंग तथा किशोर कुमार राशि लेकर रवाना हुए थे। उस समय रिंकू ने इसकी जानकारी राजू को दी थी। राजू ने ही आगे सोनू बगैरा को जानकारी देकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के चौथे साथी की पहचान भावदीन निवासी अमर बहादर के रूप में करके उसे गिरफ्तार किया था।
लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। सीआईए प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पैसे आपस में बांट लिए। मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह निवासी गांव गगड़ हाल बीड़ तालाब के हिस्से में करीब आठ लाख 40 हजार रुपये आए। 25 जून 2014 को पुलिस ने उसे काबू करके अदालत में पेश किया।
अदालत ने आरोपी को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। सीआईए प्रभारी के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि वारदात के अगले ही दिन कुलदीप ने गिदड़बाहा में स्थित एक निजी बैंक की ब्रांच में अपने नाम खाता खुलवाकर पांच लाख रुपये जमा करवाए। शेष तीन लाख 40 हजार रुपये की राशि से बठिंडा के बीड़ तालाब एरिया में 100 गज का प्लॉट ले लिया।
यहीं नहीं धीरे-धीरे बैंक में से पैसे निकलवाकर प्लॉट पर थ्री रूम सेट का मकान खड़ा कर दिया और मकान को अपनी पत्नी कमलजीत कौर के नाम पर कर दिया। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से 12 बोर का पिस्तौल तथा 2 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके साथ लूटी गई रकम में से 40 हजार रुपये भी बरामद हुए।