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Sirsa News: लोकसभा-विधानसभा में हार के बाद भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना निकाय चुनाव, सीएम से मिले नेता

Wed, 05 Feb 2025 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। सिरसा सीट से लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हार के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के लिए निकाय चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। चौधराहट बरकरार रखने के लिए भाजपा नेताओं में नगर परिषद के चेयरमैन की कुर्सी पाने की होड़ सी लग गई है।
तीन दिन पहले चुनाव को लेकर भाजपा की बैठक हुई थी। इसके बाद बुधवार को भाजपा नेताओं ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की है। अब वीरवार को भी चुनाव को लेकर बैठक बुलाई गई है। इस बीच एकजुटता का राग अलाप रही भाजपा से ही तीन नेता चुनावी दावेदारी ठोंक रहे हैं। ये तीन बड़े नेताओं से जुड़े हुए हैं।
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सिरसा जिले में नगर परिषद और पालिकाओं में भाजपा के खाते में कोई जीत नहीं है। चेयरमैन की कुर्सी पर कहीं कांग्रेस तो कहीं इनेलो का कब्जा है। ऐसे में सिरसा में चेयरमैन की कुर्सी को जीतना भाजपा के लिए नाक का सवाल बना हुआ है। इतना ही नहीं, भाजपा के दिग्गज नेता भी अपनी खोई हुई छवि को वापस लाने का प्रयास करेंगे।
अहम बात यह है कि अब तक कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता तंज कसते नजर आते थे, लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा नेताओं की आपसी फूट भी खुलकर सामने आई। राजनीतिक जानकारों के अनुसार मौजूदा समय में भाजपा के तीन खेमे बने हुए हैं। किसी को सांसद का टिकट नहीं मिलने का तो किसी को विधानसभा की टिकट नहीं मिलने का दुख है। यहीं कारण है कि चेयरमैन प्रत्याशी के तौर पर तीनों खेमे के दिग्गजों ने अपने-अपने चहेतों को अभी से मैदान में उतार दिया है।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए रहे हैं सकारात्मक परिणाम

लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए सकारात्मक परिणाम रहे हैं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी गोकुल सेतिया ने जीत हासिल की थी, वहीं ऐलनाबाद और कालांवाली सीट पर भी कांग्रेस को जीत मिली थी। जिले की पांच विधानसभा सीटों पर भाजपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी। ऐसे में नगर परिषद के चेयरमैन के पद को लेकर कांग्रेस मजबूती के साथ दावेदारी पेश कर रही है। विधायक गोकुल सेतिया का कुछ माह का कार्यकाल भी सकारात्मक रहा है। हालांकि भाजपा के मंच से कांग्रेस विधायक की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तारीफ करना और भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा कांग्रेस विधायक की तारीफ किए जाना, कहीं न कहीं नए समीकरण बनाता हुआ लगता है।



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हलोपा के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें

हरियाणा लोकहित पार्टी के लिए निकाय चुनाव में मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारतीय जनता पार्टी के समर्थन के साथ विधानसभा चुनाव लड़ने के चलते हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा के अपने चहेतों को चुनाव मैदान में उतारना उलझन भरा रहने वाला है। वह अब सिरसा के विधायक भी नहीं है तो अलग तरह का दबाव उन पर रहेगा। भाजपा नेताओं के साथ करीबी और हर मंच पर भाजपा का साथ देने की बात कहने वाली हलोपा किसी ओर करवट लेती है, यह अहम रहेगा। पूर्व में चेयरमैन के पद पर हलोपा की नेता रीना सेठी काबिज थी। विधानसभा क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाए रखने को लेकर हलोपा के लिए निकाय चुनाव जीतना जरूर हो गया है।
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इस प्रकार है मौजूदा स्थिति

रानियां नगर पालिका : इनेलो

ऐलनाबाद नगर पालिका : कांग्रेस

डबवाली नगर परिषद : इनेलो

कालांवाली : अभी तक वार्डबंदी नहीं हुई





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भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को कोई आपस फूट नहीं है। तीन दिन पहले भी चुनाव को लेकर बैठक हुई थी और वीरवार को भी विशेष बैठक करेंगे। बुधवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा की चेयरमैन की कुर्सी भाजपा की होनी चाहिए। हमें उन्हें विश्वास दिलाया है कि सिरसा की जनता भाजपा के लिए मन बना चुकी है। नगर परिषद का चेयरमैन भाजपा का ही होगा। चुनाव को लेकर हमारी तैयारियां पूरी है। पार्टी आपसी एकता के साथ निकाय चुनाव लड़ेगी।

- शीशपाल कंबोज, भाजपा, जिलाध्यक्ष, सिरसा।
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