कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए 24 मार्च से लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। प्रशासन ने 26 दिन बाद जिले में लॉकडाउन की में ढील देते हुए जिला वासियों को कुछ राहत प्रदान की है। इस दौरान आज से जो भी ढाबा तथा होटल हाइवे पर स्थित हैं वह प्रशासन से अनुमति लेकर खोला जाएगा। साथ ही बाहर से आने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी, वहीं उद्योगों को खोलने के लिए पास जारी किए जाएंगे। जिला वासियों तथा दुकानदारों को मास्क का प्रयोग अनिवार्य कर दिया है। अगर इसका कोई पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने कहा कि कोरोना वायरस फैलने का खतरा अभी टला नहीं है। इसके लिए हमें भविष्य में पूरी सजगता के साथ एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करना होगा। सभी नागरिक कोरोना वायरस की गंभीरता को समझते हुए प्रशासन का सहयोग करें और हिदायतों की पालन करते हुए खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखने में योगदान दें। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लागू है, आमजन को अनावश्यक रुप से घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं की गई है, प्रशासन द्वारा कुछ अतिरिक्त सुविधाएं प्रदान की गई है। प्रत्येक व्यक्ति के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदार और आमजन मास्क तथा दस्ताने का प्रयोग जरूर करें। लॉकडाउन की उल्लंघन करने वाले, मास्क और सामुदायिक दूरी का पालन न करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 20 अप्रैल से स्टेशनरी की दुकाने खोली जा सकेंगी। इसके लिए एडीसी मनदीप कौर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है, यह कमेटी स्टेशनरी दुकानों से संबंधित आने वाले आवेदनों की रिव्यू करेगी।
हाइवे पर ढाबे खोलने के लिए लेना होगा पास
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने कहा कि नागरिकों के हितों को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा लॉकडाउन के दौरान कुछ रियायतें दी गई हैं। हाइवे पर ढाबे खोले जा सकते हैं, लेकिन ढाबा मालिकों को जिला प्रशासन से इसके लिए पास लेना होगा और सामुदायिक दूरी का गंभीरता से पालन करना होगा। अनियमितता बरतने पर ढाबा सील कर दिया जाएगा। सामुदायिक दूरी की निगरानी के लिए 15 टीमें गठित की गई है। ये टीमें लगातार निरीक्षण करेंगी और अव्यवस्था और हिदायतों की पालन न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बाहर से आने वाले श्रमिकों की होगी स्वास्थ्य जांच
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने कहा कि बाहर से आने वाली लेबर की स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनकी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। साथ ही ऐसे व्यक्तियों की लगातार निगरानी के लिए उन्हें पास भी जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शेल्टर होम में रह रहे कुछ प्रवासी लेबर ने काम शुरू कर दिया है। अन्य प्रवासी मजदूरों को भी कहा गया है कि वे यदि कोई भी काम करना चाहते हैं तो वे कर सकते हैं।
उद्योगों को जारी किए जाएंगे पास
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान नागरिकों की सुविधा अनुसार प्रदेश सरकार द्वारा कुछ उद्योगों को छूट दी गई है, आवश्यक चीजों के अलावा अन्य को कार्य करने के लिए पास जारी किया जाएगा। इसके लिए वे सरल हरियाणा पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ये पास जिला प्रशासन द्वारा प्रदान किए जाएंगे। पास प्राप्त करने के बाद ही उद्योग कार्य कर सकेंगे। बिना मास्क और सैनिटाइजेशन के कोई भी दुकानदार या अन्य संस्थान कार्य नहीं कर सकेंगे। इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना, मास्क पहनने तथा अपने कार्य स्थल पर सैनिटाइजर रखना जरूरी है।