कई मामलों में पूरी जमा राशि निकल जाने से खाता शून्य हो जाता है
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने सोमवार को नागरिकों को नई साइबर ठगी तकनीक ‘जंप डिपोजिट’ से सावधान रहने की सलाह दी है।
बयानजारी करते हुए एसपी ने कहा कि डिजिटल लेन-देन की बढ़ती सुविधा के साथ ठग भी नए तरीके अपना रहे हैं। इस पद्धति में अपराधी पहले पीड़ित के बैंक खाते में लगभग 2000 रुपये जैसी छोटी राशि जमा करते हैं, जिससे भरोसा पैदा हो सके। संबंधित व्यक्ति को क्रेडिट का संदेश या यूपीआई नोटिफिकेशन प्राप्त होता है।
एसपी ने कहा कि धोखाधड़ी तब शुरू होती है जब व्यक्ति बैलेंस जांचने के लिए संदेश या लिंक पर क्लिक कर यूपीआई पिन दर्ज करता है। उसी समय ठगों का पूर्व से तैयार ऑटोमेटिक सिस्टम सक्रिय होकर खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कर देता है। कई मामलों में पूरी जमा राशि निकलने से खाता शून्य हो जाता है। युवाओं को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
अज्ञात स्रोत से राशि आने पर लिंक न खोलें
एसपी ने आमजन को सलाह दी कि अज्ञात स्रोत से राशि आने पर तुरंत लिंक न खोलें। बैलेंस जांचने के लिए केवल आधिकारिक बैंकिंग या यूपीआई एप स्वयं खोलें। ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। ठगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें, ताकि राशि को समय रहते होल्ड कराया जा सके।