ग्रामीणों का आरोप- 25 किमी. लंबी रोड़ी से कालांवाली सड़क में लगाई घटिया सामग्री, विजिलेंस जांच हो
गुरप्रेम सिंह
रोड़ी। रोड़ी से कालांवाली तक जाने वाली 25 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण के एक साल में ही जगह-जगह से टूटने लगी है। इसको लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। इनका कहना है कि निर्माण के दौरान यदि विभाग ने गंभीरता दिखाई होती तो यह हालात पैदा नहीं होते। इस मामले की विजिलेंस जांच होनी चाहिए। वहीं, एक सप्ताह पहले ही लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने सर्वे करके एजेंसी को नोटिस जारी किया था।
राज्य लोक निर्माण विभाग की ओर से रोड़ी से कालांवाली तक 25 किलोमीटर रोड का निर्माण 35 करोड़ 64 लाख रुपये से करवाया गया था। निर्माण कार्य 28 जुलाई 2021 को आरंभ किया गया था। यह कार्य तीन साल की अवधि में पूर्ण हुआ। एक साल के बाद ही 25 किलोमीटर लंबी सड़क जगह से जगह से टूट गई है और गड्ढे बन गए हैं। इस कारण ग्रामीणों व राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने अधिकारियों और ठेकेदार पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे रोड का निर्माण रात के समय किया गय था। कोई अधिकारी निर्माण कार्य को देखने के लिए नहीं आया। ग्रामीणों ने बताया कि रोड बनाने के दौरान घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया था। इसके कारण सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। कई बार ग्रामीण इस रोड की शिकायत पर चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने आज तक सुध नहीं ली है। उन्होंने कहा कि रोड निर्माण के दौरान दोनों तरफ पानी निकासी के लिए बनाए नाला पूरी तरह से मिट्टी से भरा हुआ है, उसकी सफाई तक नहीं की गई है। ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क निर्माण की विजिलेंस जांच होनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार फैलाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। संवाद
ग्रामीण बोेले- मिलीभगत करके रात के समय बनाई सड़क
अधिकारियों व ठेकेदार ने मिलीभगत करके रात के समय सड़क का निर्माण किया। इसके परिणाम आज सामने हैं। जगह-जगह पर सड़क टूट गई है। सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। - सिकंदर गोयल, दुकानदार, रोड़ी। फोटो 25
:::::::::::::::
रोड के दोनों तरफ निकासी नाला बनाया गया था, जो पूरी तरह से मिट्टी भरा हुआ है। इसकी आज तक सफाई नहीं की गई है। कई बार अधिकारियों से मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है। -जसबिंदर सिंह बिंदी, ग्रामीण, रोड़ी। फोटो 25
::::::::::::::
रोड निर्माण को एक साल ही बीता है। रोड में जगह-जगह पर गड्ढे हो चुके हैं। मुख्य रोड होने के कारण हर रोज 60-70 हजार वाहन गुजरते हैं। इस कारण हादसे का खतरा बना रहता है। प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इस मामले की विजिलेंस जांच होनी चाहिए। -इंद्रजीत सिंह, दुकानदार, रोड़ी। फोटो - 28
::::::::::::::
करोड़ों रुपये की लागत से सड़क का निर्माण हुआ था। अधिकारी व ठेकेदार मिलीभगत करकरे सब पैसा खा गए। सड़क के बुरे हालात हैं और कोई सुनने वाला नहीं है। - भूप राम, ग्रामीण, रोड़ी। फोटो - 26
::::::::::::::::::::::::::
एक सप्ताह पहले ही रोड का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर रोड खराब है। इसको लेकर एजेंसी को नोटिस जारी किया गया है। जल्द ही सभी गढ्ढे भरवा दिए जाएंगे। निकासी नाले की सफाई की जिम्मेदारी नहीं है। -जेई रवि कुमार, पीडब्ल्यूडी।
::::::::::::::::::::::::::
सड़क निर्माण के दौरान दोनों तरफ बनाए गए निकासी नाले की सफाई की जिम्मेदारी भी लोक निर्माण विभाग की ही है। पंचायत की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होती। दीपक कुमार, पंचायत सचिव, बड़ागुढ़ा।