अतिरिक्त मुख्य सचिव एसीएस डॉ. जी. अनुपमा ने हेलन केलर तथा प्रयास स्कूल का किया निरीक्षण
- दिव्यांग बच्चों की क्षमता के अनुरूप उनमें कौशल विकसित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत : एसीएस
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हेलन केलर दृष्टि बाधितार्थ विद्यालय तथा प्रयास स्कूल का बुधवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा ने निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य पर जोर दिया।
हरियाणा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी अनुपमा ने कहा कि प्रदेश में दिव्यांग बच्चों से संबंधित स्कूलों, संस्थानों में लगातार न केवल इंफ्रास्ट्रकचर सहित बुनियादी सुविधाएं और बढ़ाई जा रही हैं बल्कि उनमें कौशल विकसित करते हुए समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
इस दौरान उपायुक्त शांतनु शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल, विभाग के संयुक्त निदेशक अर्पित, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलौड, जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार तथा विद्यालय प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान एसीएस डॉ. जी अनुपमा ने दोनों स्कूलों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था, कक्षाओं की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की समय-समय पर नियमित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि उनके समग्र विकास में कोई बाधा न आए।
एसीएस ने लाइब्रेरी की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए उसमें और सुधार लाने तथा बच्चों के लिए उपयोगी सामग्री बढ़ाने के निर्देश दिए। वर्तमान में अध्ययनरत तथा पूर्व में पढ़ चुके विद्यार्थियों का डाटा भी संग्रहीत किया जाए ताकि उनकी प्रगति का आकलन के साथ-साथ भविष्य की योजनाएं बेहतर तरीके से तैयार की जा सकें।
इसके साथ ही उन्होंने स्टाफ की संख्या, उनकी योग्यता, विषयवार जिम्मेदारियां और टाइम टेबल की भी जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को दी जा रही हॉस्टल सुविधा, भोजन व्यवस्था आदि का भी बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर बच्चों से भी संवाद करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।
प्रदेश में मॉडल स्कूल के रूप में मिले पहचान
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि इन दोनों संस्थानों को हरियाणा में एक मॉडल स्कूल के रूप में पहचाना जाए। इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों का मनोबल बढ़ाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हुए आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने अभिभावकों की नियमित काउंसिलिंग करने, स्कूल में नामांकन बढ़ाने और बच्चों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने पर जोर दिया।
विद्यालयों में फंड की कमी नहीं होने दी जाएगी
विद्यालयों में फंड की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी और आवश्यकतानुसार स्टाफ की भर्ती जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जो बच्चे कंप्यूटर सीखने में सक्षम हैं, उन्हें विशेष रूप से कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की जाए। एसीएस ने यह भी कहा कि जो विद्यार्थी इन संस्थानों से शिक्षा प्राप्त कर आगे चलकर सफल हुए हैं या स्वयं का व्यवसाय कर रहे हैं, उनकी सक्सेस स्टोरी तैयार कर अन्य बच्चों को प्रेरित किया जाए।