सिरसा। गांव ढाणी ख्योंवाली की पूर्व सरपंच, उसके पति और ग्राम सचिव की ओर से मिलकर विकास कार्यों में गड़बड़ी की गई थी। लाखों रुपये के फर्जी बिल बनाए गए थे। इस मामले में लोकायुक्त ने संज्ञान लेते हुए रिकवरी के आदेश दिए थे। लोकायुक्त के आदेशों के बाद इस मामले में विभागीय तौर पर कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, ग्राम सचिव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए इंक्रीमेंट रोकने के आदेश भी दिए गए थे। दरअसल, वर्ष 2018 में गांव ढाणी ख्योंवाली की सरपंच रेशम कौर, उसके पति इकबाल व ग्राम सचिव मुबीन मोहम्मद ने मिलकर गांव में सफाई, जोहड़ की सफाई, पाइप लीकेज ठीक करवाने, वाटर वर्कर्स की मोटर ठीक करवाने, गलियों के निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों में फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपये की गड़बड़ी की थी।
संबंधित लोगों ने मिट्टी भर्ती के लिए रिकॉर्ड में जिस नंबर का ट्रैक्टर दर्शाया था। हकीकत में वह स्कूटर का नंबर पाया गया था। यहां तक कि जितने काम करवाए गए, सभी में फर्जी बिल बनाकर चैक काटे गए और तीनों ने मिलकर राशि का गबन किया।
इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा समिति के सदस्य गुरलाल सिंह ने शिकायत लोकायुक्त हरियाणा को भेजी। मामले की जांच के बाद निष्कर्ष में पूर्व सरपंच, उसके पति व ग्राम सचिव मुबीन मोहम्मद को दोषी पाया गया। लोकायुक्त ने बीडीपीओ सिरसा को पत्र जारी कर आदेश दिए कि सरपंच से 9,69,384 रुपये की रिकवरी करवाई जाए।