सिरसा। हत्या की धारा हटाए जाने के बाद आरोपी महिला को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है। शुक्रवार को जस्टिस आराधना साहनी ने महिला की याचिका पर यह फैसला सुनाया। बालसमंद जिला हिसार निवासी आरोपी शारदा के खिलाफ 22 दिसंबर 2023 को नाथूसरी चौपटा थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था।
डीएसपी ऐलनाबाद ने इस मामले की जांच की। जांच के बाद इस मामले हत्या की धारा 302 हटा दी गई और आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा 306 लगा दी गई थी। पुलिस को दिए बयान में गांव चाहरवाला निवासी मृतक सुनील के भाई संदीप ने बताया था कि उसकी और उसके भाई सुनील की शादी वर्ष 2012 में हुई थी।
उसकी पत्नी का नाम कविता है जबकि सुनील की पत्नी का नाम शारदा है। वे पिछले 4-5 सालों से अलग-अलग रह रहे थे। अश्विनी उर्फ सोनू का पिछले 2-3 सालों से सुनील कुमार के साथ आना-जाना था। लगभग एक साल पहले उसे पता चला कि अश्विनी के शारदा के साथ अवैध संबंध हैं। उसने उस समय उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन अश्विनी उस पर भड़क गया और कहने लगा कि वह शारदा से मिलने आता रहेगा।
संदीप ने पुलिस को बताया कि जब उसने यह बात सुनील को बताई, तो उसने कहा कि वह लाचार है। उसकी पत्नी उसकी बात पर ध्यान नहीं देती है। संदीप ने आरोप लगाया कि शारदा सुनील को नशीली दवा देती थी, जिससे वह नशे में रहता था। सुनील उसे कहता था कि उसकी पत्नी और अश्विनी उसे मार डालेंगे।
21 दिसंबर 2023 को वह अपनी मां गुड्डी देवी और अन्य लोगों के साथ गोगा मेड़ी जा रहा था। रास्ते में उसके पास शारदा का फोन आया कि उसने और अश्विन ने उसके भाई को जहर देकर मार डाला है। उसकी पत्नी कविता ने बताया कि सुनील की आवाज सुनकर उसने छत से देखा था कि शारदा ने सुनील को पकड़ा और अश्विनी उसके मुंह में जहर डाल रहा था। इसी बीच चचेरा भाई कुलदीप आ गया और उसे देखकर अश्विनी भाग गया। कुलदीप ने सुनील को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।