विद्युत निगम में अपने पदों पर रहकर उपभोक्ताओं व निगम को मोटा चूना लगाने के कुछ आरोपी भले ही इस समय सलाखाें के पीछे हैं लेकिन फिर भी उनके घोटालों की फे हरिस्त लंबी होती जा रही है। लोग सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि आखिर इस घोटाले की जडे़ं और कितनी गहरी हैं। इस पूरे घोटाले में एक और ताजा मामला ये सामने आया है कि आरोपी जेई ने घोटाले में करोड़ों रुपये का लेखा-जोखा दर्ज किया हुआ एस्टीमेट रजिस्टर ही गायब कर दिया। इस मामले में विद्युत निगम के अधिकारी ने आरोपी के खिलाफ पुलिस को एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है।
मामले के अनुसार कालांवाली बिजली घर में तैनात रहे एसडीओ पंकज गंडा ने जेई व ठेकेदारों के साथ मिलकर लोगों को फर्जी ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करते हुए उपभोक्ताओं व विद्युत निगम को चूना लगाया था। इसमेें उपभोक्ताओं द्वारा अदालत में दायर इस्तगासे के आधार पर पुलिस ने पंकज गंडा व उसके साथियों के खिलाफ करीब डेढ़ दर्जन मुकदमें दर्ज कर रखे हैं। इस मामले में मुख्य शिकायतकर्ता लाइनमैन जसकौर सिंह द्वारा बनाए गए दवाब के बाद मुख्य आरोपी पंकज गंडा ने 1 जुलाई को अदालत में सरेंडर कर दिया था जो इस समय जेई जंटा सिंह, बलकरण सिंह व ठेकेदार राज सिंह के साथ सलाखों के पीछे हैं।
जेई ने कर दिया सबूत गायब
विद्युत निगम में जो भी सामान निकलवाया जाता है उसे नियमानुसार एस्टीमेट रजिस्टर में दर्ज करना होता है। इस घोटाले में आरोपियों ने उक्त रजिस्टर में समय-समय पर अनेक एंट्री कर रखी हैं। ये रजिस्टर विभागीय कार्यालय से बाहर ले जाना वर्जित है। जब मामला उजागर हुआ तो जेई विनोद शर्मा ने एस्टीमेट रजिस्टर ही गायब कर दिया। ये रजिस्टर आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत है जिसमें करोड़ों रुपये का लेखा-जोखा दर्ज है। अगर ये सबूत सामने आता है तो आरोपी पंकज गंडा, विनोद शर्मा व अन्य आरोपियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि उक्त रजिस्टर के लिए विभाग ने आरोपी जेई को कई बार पत्र व नोटिस भिजवाए लेकिन उसने इसका कोई जवाब नहीं दिया।
एसडीई ने की कार्यवाही की सिफारिश
मामला तब सामने आया जब शिकायतकर्ता लाइनमैन जसकौर सिंह ने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी। इसके बाद एक्सईएन डीआर वर्मा ने कालांवाली के एसडीई एसके नैन को आरोपी जेई विनोद शर्मा के खिलाफ कार्यवाही करवाने के निर्देश दिए। थाना में दिए गए शिकायत पत्र में एसडीई नैन ने लिखा है कि विभाग का एस्टीमेट रजिस्टर कार्यालय से गायब है जो आरोपी जेई के पास है। अधिकारी ने कहा है कि उक्त रजिस्टर आरोपी एसडीओ पंकज गंडा, जेई विनोद शर्मा, जंटा सिंह व बलकरण सिंह आदि के खिलाफ एक बड़ा सबूत है। इसमें करोड़ों रुपये का लेखा-जोखा दर्ज है। अधिकारी ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्यवाही कर रजिस्टर को बरामद करने की मांग की है।
निगम को भी नहीं बख्शा
आरोपी पंकज गंडा व उसके साथियों ने उपभोक्ताओं को तो लूटा ही अपितु विद्युत निगम को भी नहीं बख्शा। एक्सईएन डीआर वर्मा ने विगत वर्ष की पांच अक्तूबर को जाली रसीदों के जरिये विभाग से करीब 23 लाख रुपये का सामान निकलवाकर निगम को चूना लगाने पर आरोपी गंडा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। तो वहीं एस्टीमेट रजिस्टर गायब करने के बाद निगम को मोटा नुकसान उठाना पडे़गा। ये रजिस्टर जब निगम के हाथ लगकर ऑडिट होगा तो ये और सामने आएगा कि आरोपियों ने निगम को और कितना चूना लगाया है।
लाइनमैन ने उठाया था घोटाले से पर्दा
इस पूरे घोटाले से विद्युत निगम में कार्यरत लाइनमैन जसकौर सिंह ने पर्दा उठाया था। इसके बाद लोगों ने अदालत का सहारा लेकर आरोपियों को कानूनी शिकंजे में लिया। इस पूरे मामले में खास बात ये है कि जो कार्य पीड़ित लोगों को करने चाहिए थे वो कार्य सरकारी विभाग में तैनात होते हुए भी एक कर्मचारी ने किए।
पुलिस ने किया केस दर्ज
एसडीई एसके नैन की शिकायत पर कालांवाली पुलिस ने जेई विनोद शर्मा के खिलाफ भादसं की धारा 409 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि आरोपी पंकज गंडा व उसके साथियों पर अब तक धोखाधड़ी के करीब डेढ़ दर्जन मुकदमें दर्ज हैं।
रजिस्टर गायब होने की सूचना पर मैंने एसडीई को कार्यवाही की सिफारिश की है। इस मामले में क्या कार्यवाही हुई है ये तो एसडीई कालांवाली ही बता सकते हैं।
- डीआर वर्मा, एक्सईएन डबवाली
मेरे कार्यभार संभालने से पहले से ही उक्त रजिस्टर गायब था। मैंने इस मामले में थाना में आरोपी के खिलाफ सरकारी रिकॉर्ड को खुर्द-बुर्द कर विभाग को नुकसान पहुंचाने की एवज में एफआईआर के लिए पत्र भेज दिया है।
-- एसके नैन, एसडीई कालांवाली
भ्रष्टाचार के खिलाफ मेरी ये जंग अंतिम नतीजे तक जारी रहेगी। इस मामले में एस्टीमेट रजिस्टर आरोपियों के खिलाफ एक बड़ा सबूत है। मुझे सरकार व न्यायालय पर पूरा भरोसा है।
-- जसकौर सिंह, लाइनमैन