सिरसा के बड़ागुढ़ा क्षेत्र के गांवों में खेतों में खड़ी फसलों का जायजा लेते बीकेई प्रदेशाध्यक्ष
सिरसा। खेतों में फसल कुछ और है जबकि वेरिफिकेशन रिपोर्ट में दूसरी फसल दर्ज होने से किसान धक्के खाने को मजबूर हैं। भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल सत्यापन में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए तत्काल सुधार की मांग की है।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि गलत रिपोर्ट के कारण किसानों को धान और बाजरा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बेचने में परेशानी हो रही है। मंगलवार को गांव अलीकां, थिराज और पंजुआना के किसानों के आह्वान पर औलख बीकेई टीम के साथ खेतों में पहुंचे।
बाजरे की जगह अमरूद, धान की जगह कपास दर्शाई
उन्होंने फसलों का जायजा लिया और लाइव वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री तथा जिला प्रशासन के सामने किसानों की समस्याएं रखीं। औलख के अनुसार वेरिफिकेशन में कई जगह फसल का विवरण गलत दर्ज किया गया है। कहीं बाजरे की जगह अमरूद तो बारानी जमीन पर बाजरे के स्थान पर धान बासमती दर्ज करने की शिकायत सामने आई है।
बीकेई प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मौके पर सही जांच किए बिना रिपोर्ट तैयार की जा रही हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित गांवों में खेतों की वास्तविक स्थिति के आधार पर दोबारा वेरिफिकेशन किया जाए। गलत रिपोर्ट तैयार करने वाले कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए।
इस मौके पर गुरमेंदर सिंह, गुरनैब सिंह, गुरपाल सिंह, लखवीर सिंह, जगतार सिंह, नछतर सिंह, हरप्रीत सिंह, सुखविंद्र सिंह, जोरा सिंह, पप्पू सिंह आदि मौजूद रहे।