सिरसा। आशा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिला प्रधान सुनीता ने कहा कि प्रदेश सरकार आशा कार्यकर्ताओं को स्थायी कर्मचारी का दर्जा दे। उन्होंने मांग रखी कि जब तक स्थायी नहीं किया जाता तब तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित किया जाए। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, साल में दो बार वेतन संशोधन और रिटायरमेंट पर 10 लाख रुपये का लाभ दिया जाए।
प्रधान ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई और कार्यभार के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं को पर्याप्त मानदेय नहीं मिल रहा है। फील्ड वर्क, ऑनलाइन कार्य अतिरिक्त कराए जा रहे। संवाद