सिरसा। 11 कक्षा की नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने वाले दोषी युवक को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सात साल कैद व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले में रानियां थाना पुलिस ने 19 मार्च 2020 को अभियोग दर्ज किया था।
रानियां थाना क्षेत्र निवासी पिता ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उसकी 16 वर्षीय बेटी कक्षा 11वीं में पढ़ती है। 19 मार्च 2020 को सुबह साढ़े आठ बजे उसका पेपर था। वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने गया। कुछ देर बाद उसे पता चला कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण पेपर रद्द हो गया है।
इसके बाद वह बेटी को लेने स्कूल पहुंचा। यहां स्कूली बच्चों ने उसे बताया कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें सुबह 9 बजे ही घर जाने को कह दिया था। घरवालों ने बेटी की तलाश शुरू की तो पता चला कि संदीप (20) नामक युवक उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पिता ने तुरंत रानियां थाना में जाकर आरोपी संदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद नाबालिग की तलाश शुरू कर दी।
छात्रा को नकोदर ले गया था दोषी
21 मार्च 2020 को पुलिस ने पंजाब के नकोदर जिला जालंधर से नाबालिग को संदीप के चंगुल से छुड़ा लिया। संदीप उसे नकोदर बाबा मुराद शाह के दरबार में मत्था टेकने के लिए लाया था। हालांकि, कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण दरबार बंद था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर लिया। वीरवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने संदीप को दोषी करार देते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई।