सिरसा।राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में विद्यार्थी का मूल्यांकन करते हुए शिक्षक।
सिरसा। जिलेभर के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में मंगलवार को गणित विषय का मूल्यांकन किया गया। इस मूल्यांकन अभियान में 100 से अधिक अधिकारियों की विशेष टीम ने मूल्यांकन में शामिल हुई। प्रत्येक अधिकारी को निर्धारित विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों के गणितीय ज्ञान और कौशल की जांच करने का जिम्मा सौंपा गया। इसके अनुरूप अधिकारियों व शिक्षकों ने जांच की।
मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन एप का उपयोग अनिवार्य किया है। अधिकारियों ने बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं जांचने और प्रदर्शन को रिकॉर्ड करने के बाद परिणाम सीधे एप पर अपलोड किया। इससे जिलेभर से एक ही दिन में डेटा इकट्ठा होकर विभागीय स्तर पर उपलब्ध हो जाएगा।
मूल्यांकन का उद्देश्य
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस मूल्यांकन का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों की गणितीय समझ और कमजोरियों की पहचान करना है, ताकि आगे की पढ़ाई में उन्हें अतिरिक्त सहयोग और संसाधन उपलब्ध करवाए जा सकें। विभाग का कहना है कि बच्चों के सीखने के स्तर का आकलन केवल विद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके आधार पर अभिभावकों को भी रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि घर पर भी बच्चों को अतिरिक्त सहयोग मिल सके।
प्रदेशभर में एक साथ चला अभियान, नहीं लगा एक भी पैसा
प्रदेशभर में मेगा अभियान एक साथ चला। इस दौरान शिक्षा विभाग का एक भी पैसा अभियान में नहीं लगा। ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी अभियान में सरकार का एक भी पैसा न लगा हो। पूरे अभियान में शिक्षकों की ओर से डिजिटलाइजेशन के जरिये मूल्यांकन किया गया।
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जिलेभर के 523 राजकीय प्राइमरी विद्यालयों में दो दिनों तक मूल्यांकन कार्यक्रम चलाया गया। इसके तहत प्राइमरी के विद्यालयों में पहले से तीसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों का हिंदी व गणित विषय का मूल्यांकन हुआ। सभी शिक्षकों की एप पर बच्चों का डाटा जारी कर दिया गया है, जिससे शिक्षक अपनी कक्षा के अनुसार अपने बच्चे की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। -
डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर, एफएलएन, सिरसा।