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Sirsa News: बालभवन में बना छोटा संग्रहालय, युवाओं को जोड़ रहा संस्कृति से

Sat, 17 May 2025 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा में नरसिंह अवतार की प्राचीन मूर्ति।
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सिरसा। सिरसा के पुरानी धरोहर को सहजने के लिए बरनाला रोड स्थित बालभवन में बना छोटा संग्रहालय युवाओं को संस्कृति से जोड़ रहा है। इस संग्रहालय से युवाओं को कलाकृतियां व अवशेष के माध्यम से ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त हो रही है। प्रथम तल पर स्थित संग्रहालय में हरियाणवी संस्कृति से जुड़ी चीजों को भी सहेजकर रखा गया है।
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इस संग्रहालय में हड़प्पा काल से लेकर मुगलकाल की कलाकृतियां व बर्तन आदि सुरक्षित रखी हुई हैं। यह कलाकृतियां व अन्य चीजें सिरसा और फतेहाबाद दोनों जगह से यहां पर लाकर रखी गई थी।
सिरसा का अपना ऐतिहासिक महत्व रहा है। गुरुनानक देव तक यहां पर तप कर चुके हैं। इसके अलावा पाकिस्तान, अफगानिस्तान को जोड़ने वाला व्यापारिक मार्ग के साथ जुड़ाव होना भी सिरसा की ऐतिहासिक अहमियत को बढ़ाता है। सरस्वती नदी भी सिरसा से गुजरती थी। जिस पर शोध कार्य जारी है।
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वर्ष 2001 में हुई थी स्थापना

जिला बाल कल्याण अधिकारी पूनम नागपाल ने बताया कि वर्ष 2001 में संग्रहालय की स्थापना की गई थी। साहित्य और इतिहास में रुचि रखने वाले लीलाधर दूखी ने अहम योगदान दिया है। उन्होंने सालों से इतिहास से जुड़ी जमा की गई चीजों को दान स्वरूप संग्रहालय को दिया। उनकी पहल को जिला प्रशासन ने मजबूती दी और संग्रहालय में सूचान कोटली, फतेहाबाद और थेहड़ से लाई गई चीजों को रखा गया।

संग्रहालय में यह है खास
हड़प्पा और मुगलकालीन तांबे के सिक्के हैं। इसके साथ ही नरसिंह अवतार से लेकर नृत्य से जुड़ी कलाकृति है। हड़प्पा काल के मिट्टी के बर्तन भी देखने को मिलते हैं। मुगलकाल के आभूषण व अन्य वस्तुओं को रखा गया है। बच्चों के लिए सुबह 9 से पांच बजे संग्रहालय को खोला जाता है। थेहड़ से मिले ऐतिहासिक अवशेष भी रखे गए हैं। जिनमें मुख्य रूप से बच्चों के खिलौने, भगवान की मूर्तियां आदि शामिल हैं।

स्कूलों के बच्चों को भी करता है प्रेरित
शहर के सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों से बच्चे निरंतर संग्रहालय में आते हैं। स्कूलों के बच्चों को जहां इतिहास से रूबरू करवाया जाता है। वहीं, संग्रहालय में एक अलग से कॉर्नर हरियाणवी संस्कृति से जुड़ी चीजों को लेकर बनाया हुआ है। हरियाणवी संस्कृति की चीजें भी बच्चों को दिखाई जाती है। यह स्कूली बच्चों को भी इतिहास में अभिरुचि पैदा करता है।

संग्रहालय को बड़ा करने की है जरूरत
सिरसा के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए संग्रहालय को बड़ा करने की जरूरत है। सिरसा धार्मिक नगर है और इतिहास से जुड़ी बहुत सारी चीजें यहां पर धार्मिक संस्थाओं में है। इनसे शहरवासियों को रूबरू करवाना जरूरी है। संग्रहालय को बड़ा बनाया जाता है तो भविष्य में थेहड़ की खोदाई के बाद निकलने वाली चीजों को यहां पर संजोकर रखा जा सकता है।

संग्रहालय में हड़प्पा और मुगलकालीन चीजों को रखा गया है। स्कूली बच्चों के साथ-साथ शहरवासी भी संग्रहालय में आते हैं। उपायुक्त के मार्गदर्शन में इसका संचालन किया जा रहा है और बच्चों को इतिहास से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
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-पूनम नागपाल, जिला बाल कल्याण अधिकारी
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