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Sirsa News: सकताखेड़ा लिंक चैनल में आई दरार, 20 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न

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डबवाली।उपमंडल क्षेत्र में लोहगढ़ माइनर में आई दरार से बहता पानी। संवाद
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डबवाली। उपमंडल क्षेत्र में सोमवार देर रात बड़ी लापरवाही के चलते सिंचाई विभाग के अधीन आने वाले लोहगढ़ माइनर से निकलने वाले सकताखेड़ा लिंक चैनल में लगभग 15 फीट की दरार आ गई। तेजी से हुए कटाव के कारण पानी आसपास के खेतों में घुस गया। रात के समय तेज बहाव के कारण 20 एकड़ से ज्यादा गेंहू की फसल जलमग्न हो गई।
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कटाव के बाद तेजी से पानी आने पर गेहूं की अगेती फसल को नुकसान हुआ है। वहीं, कटाव पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तर्क दिया कि सेह नाम के जीव के कारण तटबंधों बिल हो जाते हैं, जिनसे ज्यादातर कटाव का खतरा पैदा हो जाता है। गांव नया राजपुरा के संदीप कुमार, मिट्ठू कंबोज, भजनलाल, ओमप्रकाश, जगदीश राय, विजय कुमार सहित अन्य किसानों ने बताया कि तटबंध काफी समय से कमजोर हैं।
विभाग की ओर से समय रहते इन तटबंधों की मरम्मत नहीं की गई। नहर बंदी के दौरान न तो सफाई की गई। इतना ही नहीं माइनर में कई दिनों से टूटकर पेड़ गिरा हुआ था। सूचना के बाद भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उसे हटाने का काम नहीं किया। किसानों का कहना है कि विभागीय लापरवाही के कारण ही यह हादसा हुआ है और इसका सीधा नुकसान उन्हें उठाना पड़ रहा है।
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पेयजल की आपूर्ति भी प्रभावित होने का खतरा
किसानों ने बताया कि इसी चैनल के माध्यम से गांव सकतखेड़ा में पीने का पानी भी सप्लाई होता है। ऐसे में चैनल टूटने से गांववासियों को पेयजल समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। वहीं, किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का तुरंत सर्वे कराया जाए व प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और सभी माइनरों की सफाई व तटबंधों की मजबूती जल्द से जल्द कराई जाए।

जल्द नहीं हुआ समाधान तो किसान करेंगे आंदोलन
किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि समय पर चैनल की मरम्मत व निगरानी की जाती, तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता। उन्होंने प्रशासन व सिंचाई विभाग को चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
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ग्रामीणों के सहयोग से माइनर को पाटने का काम किया गया है। इस क्षेत्र में जमीनी जीव सेह की अधिकता है। इस कारण सेह बिल बनाकर तटबंध को कमजोर कर देते है, जिससे तटबंध टूटते हैं। इसी जीव के कारण पेड़ों की जड़ें खोखली हुई हैं जो टूट कर गिर जाते हैं। जल्द ही सभी तटबंधों को भी मजबूत किया जाएगा।- कृष्ण कुमार, जेई, सिंचाई विभाग।
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