अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। सोमवार को तीन कॉलेजों के विद्यार्थियों ने रिजल्ट को लेकर सीडीएलयू में प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्हें कई विषयों में फेल किया गया है। जबकि फेल किए गए विद्यार्थियों के पिछली कक्षाओं में 60 से 80 प्रतिशत तक अंक है। सीडीएलयू के परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुलतान सिंह ने विद्यार्थियों को दो दिन में एक कमेटी का गठन करके पूरे मामले की जांच करवाने के आश्वासन दिया। इसके बाद छात्र संतुष्ट हुए और अपने कॉलेजों को चले गए।
सुबह नेशनल कॉलेज के विद्यार्थी एबीवीपी नेता विकास जाखड़ के नेतृत्व में परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे। परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुलतान सिंह ने चार छात्रों को अंदर मिलने के लिए बुलाया। लेकिन छात्र अड़ गए कि वे सभी ही परीक्षा नियंत्रक से मिलेंगे। परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुलतान सिंह खुद ही छात्रों से बातचीत करने के लिए बाहर आए। कॉलेज के छात्रों ने बताया कि वे बीए अंतिम वर्ष के विद्यार्थी हैं। कुछ दिनों पहले सीडीएलयू ने पांचवें सेमेस्टर का रिजल्ट निकाला। लेकिन लोक प्रशासन विषय में 41 छात्रों को फेल दिखाया गया। सुभाष को एक, प्रहलाद को चार, रविंद्र को 12, मनीष को 16, नरेंद्र 19, गुरप्रीत को 18 अंक मिले हैं। छात्रों ने कहा कि पिछली कक्षाओं में उनके अंक 60 से 80 प्रतिशत तक आए हैं। छात्रों ने बिना कोई फीस जमा करवाए सभी उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा से चेक करने की मांग की। तब परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर सुलतान सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए दो दिन में एक कमेटी का गठन किया जाएगा। पूरे मामले की जांच की जाएगी कि पेपर चेक करने में कोई कोताही तो नहीं बरती गई। छात्रों ने मांग कि इस कमेटी में छात्र प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
शाह सतनाम सिंह गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं भी पहुंचीं
नेशनल कॉलेज की छात्राओं ने अपना प्रदर्शन खत्म ही किया था कि शाह सतनाम सिंह गर्ल्स कॉलेज की बीकॉम की छात्राएं भी इनकम टैक्स विषय में फेल किए जाने को लेकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंच गई। छात्राओं की बात सुनने के लिए परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुलतान सिंह दोबारा से बाहर आए। छात्रों ने कहा कि उनकी कक्षा में कुल 34 विद्यार्थी हैं। लेकिन 70 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थी इनकम टैक्स के पेपर में फेल हैं। कुल 80 अंकों का पेपर है। उसमें से पास होने के लिए 28 अंक चाहिए थे। लेकिन जो पास हैं ज्यादा से ज्यादा 35 अंक दिए हैं। छात्राओं ने कहा कि उन्हें रिवेल्युएशन फार्म नहीं भरना। परीक्षा नियंत्रक सुलतान सिंह ने कहा कि वे पहले ही एक कमेटी गठित करने का फैसला ले चुके हैं। जो मामले की जांच करेगी।
पुराना सिलेबस पढ़ाने का लगाया आरोप
छात्राओं ने कहा कि बीकॉम प्रथम वर्ष में शाह सतनाम सिंह गर्ल्स कॉलेज ने डेढ़ साल पहले गणित और कंप्यूटर का पुराना पाठ्यक्रम ही पढ़ाता रहा। आज तक विश्वविद्यालय ने दोबारा से पेपर नहीं लिया। तब परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि इसमें विश्वविद्यालय नहीं बल्कि संस्थान की गलती थी। इस संबंध में कॉलेज के प्रिंसिपल को कई बार बुलाया। लेकिन वह नहीं आई। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे लिखकर दें, हम कॉलेज के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। आज तक किसी भी छात्रा ने हमें लिखित में शिकायत ही नहीं की।
रानियां से राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राएं भी पहुंची
इसी दौरान रानियां खंड से राजकीय कन्या महाविद्यालय की छात्राएं भी पहुंच गई। बीकॉम की प्रथम वर्ष की छात्रा सुषमा, पूजा, सुमना, कोमल, निषा, अमृत, माया ने बताया कि उनके एकाउंट और अर्थ शास्त्र के पेपर में एग्जामिनर ने सबसे ज्यादा 12 अंक दिए हैं। इससे ज्यादा किसी भी परीक्षार्थी को अंक नहीं मिलें। परीक्षा नियंत्रक सुलतान सिंह ने उन्हें भी मामले की पूरी जांच करवाने का आश्वासन दिया। परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि वे नौ से पांच बजे तक छात्रों की समस्याएं सुनने के लिए बैठे हैं। बेझिझक विद्यार्थी इस समय के दौरान आकर मिल सकते हैं। इसके बाद छात्राएं संतुष्ट हुई।
हमने पूरे मामले की जांच के लिए दो दिन में कमेटी का गठन करने का फैसला लिया है। ताकि पता किया जा सके कि कोई गलती हुई है या नहीं। अगर हुई है तो कहां पर। कोई भी विद्यार्थी नौ से पांच बजे तक उन्हें अपने कार्यालय में आकर अपनी समस्या बता सकता है।
- प्रोफेसर सुलतान सिंह, परीक्षा नियंत्रक, सीडीएलयू सिरसा।