संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गेहूं की बिजाई के समय किसान डीएपी की किल्लत से जूझ रहे हैं। खाद के लिए किसान जहां अलसुबह की खरीद केंद्रों के बाहर लाइन में खड़े हो रहे हैं, वहीं वितरण के लिए कृषि विभाग को पुलिस का सहारा लेने पड़ रहा है। सोमवार को खरीद केंद्रों के बाहर किसानों की भीड रही। पुलिस की देखरेख में अधिकारियों को डीएपी के लिए टोकन बांटें।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक 23000 मीट्रिक टन डीएपी जिले में पहुंच है और 90 प्रतिशत बांटी जा चुकी है। जिन किसानों के टोकन कटे हैं मंगलवार को सिर्फ उन्हें ही डीएपी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि डीएपी का स्टाॅक खत्म हो चुका है और ऐसे में किसान खरीद केंद्रों पर न पहुंचे। डीएपी आने पर सूचित कर दिया जाएगा।
हालांकि, अधिकारियों ने प्रति किसान तीन बैग डीएपी के दिए, जो किसानों के लिए नाकाफी थी। चोपटा के आस पास के किसानों को सरसों की बिजाई के लिए भी डीएपी नहीं मिल रही है।
किसानों बोले- पहली बार लाइनों में लगे
किसान संदीप कुमार ने कहा कि डीएपी के लिए लाइन देखकर हैरानी होती है। अधिकारियों को पता होता है कि गेहूं की बिजाई से पहले किसान खाद मांगेंगा। व्यवस्था करनी चाहिए। मौजदीन के गोकलचंद ने कहा कि उसके पास 20 एकड़ जमीन है। पांच बैग डीएपी की उम्मीद लेकर आया था। तीन बैग डीएपी दे रहे हैं। तीन बैग से तीन एकड़ का ही काम चलेगा।
गांव मंगाला के मिल्खराज ने बताया कि वह वीरवार को खाद के लिए आए थे। उन्हें टोकन नंबर दिया गया और शनिवार को खाद वितरण की बात कही थी। शनिवार को आए तो पता चला कि शुक्रवार को ही खाद बांट दी। मंगला के ही मुंशीराम ने बताया कि वीरवार को 440 नंबर टोकन दिया गया था। इस नंबर की खाद शुक्रवार को ही बांट दी गई है।
इस प्रकार हुआ वितरण
- शहर में पांच हजार बैग बांटे गए।
- 23000 मीट्रिक टन डीएपी जिले में आई है।
- कुल मांग 40000 मीट्रिक टन है।
डीएपी का स्टाॅक खत्म हो चुका है। शहर के खरीद केंद्रों में कोई खाद वितरण नहीं होगा। किसान केंद्रों पर भीड़ न करें। जिले में 23000 मीट्रिक टन डीएपी बांटी जा चुकी है। जल्द ही ओर स्टाॅक आने पर वितरण किया जाएगा।
- अमित शर्मा, एसडीओ, कृषि विभाग अधिकारी