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Sirsa News: खाट लगाकर 9 किसानों ने जमाया टॉवर पर ढेरा, 8 घंटे के बाद उतरे

Thu, 09 Jul 2026 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। टॉवर पर चढ़े हुए किसान। संवाद
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मुआवजे पर प्रशासन से हुई बैठक, अब होगी जमीन का फिर से कराया जाएगा मूल्यांकन
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- अन्य टॉवरों पर तार खींचने का काम जारी, बिजली निगम के अधिकारी बोले-शहर को ब्लैक आउट से बचाने के लिए बिछाई गई है लाइन
- सुबह मजदूर काम पर पहुंचे तो किसानों ने किया विरोध, किसानों का आरोप डीएसपी पुलिस की बस में लेकर आए लेबर को
- प्रशासन से बीते दिन हुई थी बातचीत, गुपचुप तरीके से हुई कार्रवाई पर भड़के किसान
- किसान यूनियन चंढूनी के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चंढूनी पहुंचे धरने पर, पांच सदस्यीय कमेटी ने उपायुक्त से की मुलाकात

फोटो - 24 से 28



संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव वेदवाला में शहर को ब्लैक आउट से बचाने के लिए डाली जा रही हाईटेंशन लाइन पर किसानों का विवाद गहरा गया है। 7 जुलाई 2026 को अधिकारियों के साथ किसानों की मुआवजे के लिए हुई वार्ता विफल रही थी। बुधवार सुबह पुलिस बल के साथ टॉवर लगाने वाले मजदूर लेकर मौके पर पहुंचे। इस पर किसानों ने विरोध किया और एक टॉवर पर चढ़ गए। 9 किसान टॉवर पर खाट डालकर बैठ गए। दोपहर में किसान नेताओं और ग्रामीणों ने उपायुक्त के साथ बैठक की। सहमति बनने पर आठ घंटे बाद किसानों को टॉवर से नीचे उतारा गया।
किसान यूनियन चंढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चंढूनी और अन्य किसान नेता मौके पर पहुंचे। उन्होंने डीएसपी राजेश कुमार और एसडीएम राजेंद्र कुमार से बातचीत की। गुरनाम सिंह चंढूनी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति तीन बजे धरना स्थल से रवाना हुई। समिति ने दो घंटे तक उपायुक्त शांतनु शर्मा के साथ बैठक की।
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बैठक के बाद निर्णय लिया गया कि जमीन की कीमत का मूल्यांकन करने वाली एजेंसी ने सही आकलन नहीं किया था। अब प्रशासन किसान की मौजूदगी में दूसरी एजेंसी से दोबारा मूल्यांकन करवाएगा। तब तक हाईटेंशन लाइन का काम बंद रहेगा। समिति ने धरने पर पहुंचकर प्रशासन के साथ हुए निर्णय से किसानों को अवगत कराया।
किसानों का विरोध और प्रशासन की कार्रवाई सुबह 9:30 बजे पुलिस सुरक्षा के बीच बिजली विभाग के मजदूरों को टॉवरों का काम पूरा करने के लिए लाया गया। धरनारत किसानों को इसकी सूचना मिली तो उन्हें मौके पर जाने से रोका गया। किसान भूपेंद्र सिंह वेदवाला के खेत में काम शुरू करने का प्रयास किया गया तो वह टॉवर पर चढ़ गए।
भूपेंद्र सिंह ने अपने साथियों को फोन कर दिया। उनका साथ देने के लिए एक दिव्यांग किसान भी टॉवर पर चढ़ गया। करीब 10 किसान टॉवर के पास बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने घेरेबंदी कर मजदूरों को दूसरे टॉवरों पर काम के लिए भेज दिया।
किसानों ने आरोप लगाया कि मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत हुई थी। इसके बावजूद अचानक पुलिस बल के साथ टॉवर का काम शुरू करवाना प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाता है। इसके बाद खेत मालिक भूपेंद्र सिंह वेदवाला, हरदेव सिंह, सोना राम, सुखदेव सिंह, वेद प्रकाश, प्रेम मामी, गुरसेवक आदि टॉवर पर चढ़ गए। वे टॉवर पर तीन कोनों में खाट लगाकर बैठ गए।
एसडीएम और डीएसपी ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। कुछ किसानों ने कहा कि उनके खेत हैं। पुलिस उन्हीं को धमका रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस किसानों पर लाठीचार्ज करना चाहती थी। इस पर किसान नेता गुरनाम सिंह चंढूनी ने कहा कि अगर पुलिस लाठी चार्ज करती तो हजारों किसान जमा हो जाते। उन्होंने कहा कि किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। प्रशासन हमेशा तानाशाह रहा है।
किसानों ने कहा कि एसडीएम हमेशा उनके साथ खड़े रहे हैं और उन्होंने सहयोग किया है। उन्हें एसडीएम पर विश्वास है। डीएसपी ने कहा कि प्रशासन का काम सरकारी काम को पूरा करवाना है। वह अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। अधिकारियों की बातचीत के बाद निर्णय लिया गया कि किसान नेता गुरनाम सिंह चंढूनी की अगुवाई में पांच सदस्यीय समिति उपायुक्त शांतनु शर्मा से मुलाकात करेगी। इस पर सहमति बनी।
मौके पर पुलिस बल और काम की स्थिति
एक टॉवर पर किसान ऊपर चढ़कर और टॉवर के नीचे धरने पर बैठे थे। वहीं, 50 मीटर की दूरी पर 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात थे। इनमें महिला और पुरुष दोनों कर्मी शामिल थे। 500 मीटर की दूरी पर दूसरे टॉवर का काम मजदूर कर रहे थे। वहां एसडीओ कुलदीप ढांडा और अन्य अधिकारी मौजूद थे। वे काम करवा रहे थे। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी तैनात थे ताकि किसान काम में बाधा न डालें। सड़कों पर पुलिस की गाड़ियां और बसें तैनात थीं। एंबुलेंस भी विशेष रूप से बुलाई गई थी। प्रशासन पूरी तैयारी के साथ मौके पर आया था।
हाईटेंशन लाइन का 95 फीसदी काम पूरा
एसडीओ कुलदीप ढांडा ने बताया कि हाईटेंशन लाइन का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। किसान भूपेंद्र सिंह के खेत का महज एक टॉवर बचा है। उसके तार खींचे जाने हैं। इसके बाद काम पूरा हो जाएगा। यह लाइन शहर को ब्लैक आउट से बचाने के लिए बिछाई गई है। यदि शहर को जाने वाली मुख्य लाइन में कोई खराबी आती है तो ब्लैक आउट नहीं होगा। इस दूसरी लाइन से शहर को बिजली आपूर्ति जारी रहेगी। प्रदेश में सिरसा शहर के पास इस दूसरी लाइन की व्यवस्था नहीं थी। अब यह लाइन शुरू हो जाएगी तो शहरवासियों को फायदा होगा। एसडीओ ने बताया कि किसानों के साथ शुरुआती दौर से ही बातचीत रही है। मार्केट रेट पर समिति भी किसानों की सहमति से बनी थी। अब वैल्यूअर ने वैल्यू निकाली है और उस हिसाब से उस रेट पर 10 फीसदी अतिरिक्त किसानों को दिया जा रहा है। अनुमानित करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है।
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किसानों की मांग और जमीन के रेट का मुद्दा
किसानों ने कहा कि वेदवाला एरिया में यदि कोई 2 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन देता है तो वे खरीदने के लिए तैयार हैं। उन्होंने प्रशासन से उन्हें ऐसी जमीन दिलाने की मांग की। किसानों का कहना है कि जिस किसान के खेत में हाईटेंशन लाइन गुजर जाती है, उसकी वैल्यू कम हो जाती है। बाजार भाव से कम पैसा उस एकड़ का किसान को मिलता है। यहां तो दो से तीन टॉवर एक किसान की जमीन पर लगे हुए हैं।
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