सिरसा। बिजली का बिल ना भरने वाले बकायेदारों से वसूली के लिए निगम एक्शन मोड में आ गया है। निगम अधिकारियों ने बकायेदारों की सूची में डीसी ऑफिस को भी शामिल कर लिया है। साथ ही बकायेदार उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिल नहीं भरा तो कनेक्शन काट दिए जाएंगे। निगम द्वारा बकायेदारों से कुल 4 करोड़ रुपये वसूलने हैं। जिसमें से आधी रकम सरकार द्वारा भरी जानी है। ऐसे में शहर के कुल 9 सरकारी दफ्तरों से निगम को करीब ढाई करोड़ रुपये वसूलने हैं। जिनमें से सबसे ज्यादा रकम हुडा कार्यालय की बकाया है।
बिजली बिल ना भरने वाले उपभोक्ताओं पर निगम ने सख्त शुरू कर दी है। बिल वसूली के लिए निगम अधिकारियों ने विशेष अभियान चलाया हुआ है। बकाया की वसूली के लिए सरकारी विभागों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। लघु सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय का 14 लाख 84 हजार रुपये का बिल बकाया है। वहीं रोडवेज के दो कनेक्शनों के बिल बकाया है। जिसमें से एक बिल 23 लाख 36 हजार रुपये, दूसरे के 9 लाख 39 हजार रुपये का बिल बकाया है। इसी के साथ अन्य सरकारी विभागों को मिलाकर निगम को करीब ढाई करोड़ रुपये बिल की अदायगी करवानी है। सभी बकायेदार उपभोक्ताओं को निगम द्वारा नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि तीन नोटिस भेजने के बाद भी बकायेदार उपभोक्ता बिल की अदायगी नहीं करता है तो, तुरंत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए उनके कनेक्शन काटे जाएंगे। बिजली निगम द्वारा पिछले 16 दिनों से शहर भर में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें साल भर की रिकवरी की जा रही है। निगम ने इस अभियान के दौरान 16 टीमों को फील्ड में उतारा गया है। इस दौरान टीम ने 46 बकायेदार कनेक्शनों पर कार्रवाई की है। निगम द्वारा 38 कनेक्शनों से 6 लाख 58 हजार रुपये की रिकवरी की गई है।
9 सरकारी विभाग ऐसे जो है बिजली निगम में डिफाल्टर
1. उपायुक्त कार्यालय- 14 लाख 83 हजार
2. जरनल मैनेजर रोडवेज- 23 लाख 36 हजार
3. जरनल मैनेजर रोडवेज दूसरा कनेक्शन - 9 लाख 39 हजार
4. एसडीई हुडा सेक्टर- 20 से - 28 लाख 61 हजार
5. एसडीई हुडा हार्टीकल्चर- 16 लाख 32 हजार
6. सब डिवीजनल इंजीनियर- 6 लाख 97 हजार
7. स्टेट ऑफिसर हुडा- 5 लाख 57 हजार
8. एसडीई ड्रेनेज : 1 लाख 53 हजार
9. एसडीई हार्टीकल्चर- 13 लाख
बिजली निगम द्वारा रिकवरी करने के उद्देश्य से सर्च अभियान पिछले 16 दिनों से चलाया जा रहा है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द बिजली बिल भरने के लिए रिक्वेस्ट की जा रही है। वहीं सिविल कोर्ट को भी बकाया बिल भरने के लिए रिक्वेस्ट की गई है। अगर इसके बाद भी उपभोक्ताओं द्वारा बिल नहीं भरा जाता है तो नोटिस जारी किए जाएंगे।
-राजेंद्र सभ्रवाल, एसई, बिजली निगम।
बिजली निगम को कुल 4 करोड़ रुपये डिफाल्टर उपभोक्ताओं से वसूलने हैं। जिनमें से ढाई करोड़ रुपये सरकारी विभागों से वसूले जाने है। सरकारी विभागों समेत निजी कनेक्शनों के डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
- मोहनलाल जांगड़ा, एसडीओ, बिजली निगम।