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लुधियाना में माता चंद कौर मर्डर मामले में सीबीआई की टीम साक्ष्य जुटाने पहुंची श्रीजीवननगर और मस्तानगढ़

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
नामधारी संप्रदाय के दिवंगत सतगुरु जगजीत सिंह की धर्मपत्नी माता चांद कौर के मर्डर मामले में सीबीआई की टीम ने श्रीजीवननगर नामधारी धाम में जाकर जांच शुरू की। टीम बुधवार को सिरसा पहुंच गई थी। टीम ने पहले श्रीजीवनगर धाम में दोपहर को सतगुरु दलीप सिंह के समर्थक सुखदेव सिंह दमदमा से पूछताछ की। वहीं पर हरदीप सिंह सेवादार से भी पूछताछ की।
सीबीआई की चार सदस्यीय टीम ने पूरे धाम का निरीक्षण किया। टीम ने माता चंद कौर के मर्डर के संबंध में दोनों से सवाल जवाब किए और कुछ जानकारियां भी जुटाईं। टीम सतगुरु दलीप सिंह से मिलना चाहती थी, लेकिन सेवादारों ने कहा कि वे 18 अप्रैल से विदेश गए हुए हैं। टीम ने उनके बेंगलूरू स्थित आवास और दिल्ली आवास का पता भी जुटाया। सीबीआई टीम ने सुखदेव सिंह से माता चंद कौर के हत्याकांड के संबंध में जानकारी चाही तो उन्होंने जवाब दिया कि यह हत्याकांड लुधियाना भैणी साहिब धाम में हुआ है। ऐसे में टीम को वहीं पर ही मुख्य षडयंत्रकारियों का पता चल सकता है। उन्होंने कहा कि सतगुरु दलीप सिंह का इस हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है।
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इसके बाद चार सदस्यीय टीम के सदस्य मौके पर कुछ महत्वपूर्ण नंबर जुटाए और श्रीजीवननगर गांव में सतगुरु उदय सिंह के समर्थकों से भी पूछताछ की। शाम को सीबीआई की टीम मस्तानगढ़ स्थित नामधारी डेरे में चली गई। माता चंद कौर के मायके हरिपुरा गांव में भी तथ्य जुटाए। माता चंद कौर की एक बेटी है जिनकी पनिहारी में सुसराल है। टीम ने गुरुवार को वहां पहुंचकर भी कुछ साक्ष्य जुटाए। सतगुरु जगजीत सिंह की पत्नी 88 वर्षीय माता चंद कौर की 4 अप्रैल 2016 को लुधियाना स्थित भैणी साहिब धाम में अज्ञात हमलावारों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। जब हत्याकांड को अंजाम दिया गया तब माता चंद कौर गोल्फ कोर्ट में भैणी साहिब परिसर में ही बैठकर कहीं जा रहे थे, लेकिन एक युवक ने उनके पैर छूने के बहाने नीचे झुककर उन्हें गोली मार दी। उसके बाद वह अपने साथी के साथ फरार हो गया। बता दें कि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली सहित थाईलैंड और इंग्लैंड में नामधारी संप्रदाय के लाखों श्रद्धालु हैं।
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नामधारी संप्रदाय में गद्दी को लेकर दो दशक से चल रहा है विवाद
नामधारी संप्रदाय में गद्दी का विवाद सतगुरु जगजीत सिंह और महाराज बीर सिंह के समय से ही चला आ रहा है। दोनों सगे भाई थे। सतगुरु जगजीत सिंह नामधारी संप्रदाय की लुधियाना भैणी साहिब की गद्दी पर विराजमान थे। जबकि उनके छोटे भाई महाराज बीर सिंह सिरसा के रानियां स्थित जीवननगर की गद्दी पर। सतगुरु जगजीत सिंह के केवल एक ही बेटी है, जबकि उनके छोटे भाई महाराज बीर सिंह के दो बेटे ठाकुर दलीप सिंह और छोटे ठाकुर उदय सिंह है। सतगुरु जगजीत सिंह की देहावासन के बाद उनके नामधारी समर्थकों ने ठाकुर उदय सिंह को भैणी साहिब की गद्दी पर बिठाकर सतगुरु की उपाधि दी। वहीं महाराज बीर सिंह के देहावासन के बाद उनके समर्थकों ने ठाकुर दलीप सिंह को जीवननगर की गद्दी पर बैठाकर सतगुरु की उपाधि दी, लेकिन दोनों के समर्थकों के पुराने विवादों से दोनों भाई भी अछूते नहीं रहे। गुरुगद्दी विवादों के बीच ही 4 अप्रैल 2016 को दिवंगत सतगुरु जगजीत सिंह की पत्नी माता चंद कौर की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सतगुरु उदय सिंह समर्थकों ने इसके पीछे सतगुरु दलीप सिंह को षड्यंत्रकारी बताया। वहीं दलीप सिंह समर्थकों ने उदय सिंह समर्थकों पर षडयंत्र के आरोप लगाए। मामले की सीबीआई जांच को लेकर पांच हजार नामधारी संगत ने 9 मार्च 2017 को दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। दूसरी ओर पंजाब पुलिस आरोपियों और षड्यंत्रकारियों को पकड़ने में सफल नहीं हुई। तब सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।
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