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किसान संगठन ने ओढां में हाईवे जाम कर जताया सरकार के खिलाफ रोष

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अमर उजाला ब्यूरो
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ओढां (सिरसा)।
मध्य प्रदेश में कर्ज माफी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गोलियां चलाने के विरोध में किसान यूनियन सरकार के खिलाफ लामबंद हो गई हैं। शुक्रवार को राष्ट्रीय किसान संगठन के आह्वान पर किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भट्ठी के नेतृत्व में ओढां की अनाज मंडी में सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक आक्रोषित संगठन के सदस्य बीडीपीओ को ज्ञापन देने के लिए बस स्टैंड की ओर बढ़ गए जहां उन्होंने हाईवे पर जाम कर रोष जताया। बाद में उन्होंने डीएसपी कालांवाली को ज्ञापन सौंपा। किसी भी स्थिति के लिए मौके पर काफी पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
यातायात जाम से पूर्व अनाज मंडी में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसवीर सिंह भट्ठी ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी सरकार है जो हक मांगने पर गोलियां बरसाने के आदेश देती है। उन्होंने मध्य प्रदेश में आठ किसानों की मौत पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि किसान की हालत भाजपा सरकार में दयनीय हो गई है। सरकार फसलों के दाम बढ़ाना तो दूर हक मांगने पर भी गोलियां बरसाने के आदेश देकर ये साबित कर रही है कि हक की आवाज उठाने वाले का यही हाल होगा। उन्होंने कहा कि किसान संगठन सरकार की इस धक्केशाही को सहन न करते हुए अपना रोष प्रदर्शन तक तब जारी रखेगा जब तक उनकी मांगे नहीं मान ली जाती।
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वहीं, भारतीय प्रजापति महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं संगठन के सदस्य धीरज महारूद्रा ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनावों से पूर्व किसानों से जो वादा किया था उन्हें पूरा करना तो दूर किसानों की आवाज को भी दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश का पेट भरने वाला किसान सरकार की दमनकारी नीतियों के चलते कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने को विवश है। किसान नेता गुरदास सिंह लकड़ांवाली, पूर्व चेयरमैन कुलदीप सिंह गदराना व कौर सिंह कुंडर सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि किसान हितैषी होने का दम भरने वाली भाजपा सरकार में मध्य प्रदेश में अपने हक की आवाज उठाने वाले किसानों को गोलियों से भून दिया गया।
आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन रहा अलर्ट
किसान संगठन द्वारा किए जाने वाले धरना प्रदर्शन व रोड जाम की सूचना प्रशासन को दो दिन पहले ही लग चुकी थी। इसके चलते प्रशासन की ओर से स्थिति से निपटने के लिए कड़ी व्यवस्था की गई थी। तीन इंस्पेक्टर, आरपीएफ के जवान, दंगारोधी वाहन, एंबुलेंस एवं फायर ब्रिगेड भी स्थिति से निपटने के लिए थाने में तैनात रही। वहीं खुफिया तंत्र विभाग के अनेक कर्मचारी भी धरना स्थल पर मौजूद रहकर अधिकारियों को पल-पल की रिपोर्ट भेजते रहे। इसके अलावा वे पदाधिकारियों से उनके अगले कदम की जानकारी लेते नजर आए। प्रशासन का कहना था कि रोड जाम नहीं करने दिया जाएगा लेकिन संगठन के लोगों का कहना था कि वे रोड जाम जरूर करेंगे। मिन्नतें करते नजर आया प्रशासन
प्रदर्शनकारियों को रोड जाम न करने पर पुलिस प्रशासन पदाधिकारियों की मिन्नतें करता नजर आया। मौके पर उपस्थित डीएसपी रतनदीप बाली, थाना प्रभारी बलवंत जस्सू, इंस्पेक्टर अजय शर्मा व बीडीपीओ बलराज सिंह आदि ने पदाधिकारियों से कहा कि वे रोड जाम न करें। रोड जाम न हो इसके लिए बीडीपीओ बलराज सिंह ज्ञापन लेने के उद्देश्य से धरनास्थल पर ही पहुंच गए लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे ज्ञापन बस स्टैंड पर बीडीपीओ कार्यालय के सामने देंगे। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने उन्हें काफ ी समझाने की कोशिश की लेकिन प्रदर्शनकारियों ने एक न सुनी और बस स्टैंड पर पहुंचकर हाईवे के बीच धरने पर बैठ गए।
बीडीपीओ के खिलाफ भी नारेबाजी
माहौल उस समय गर्मा गया जब किसान नेता गुरदास सिंह के साथ बीडीपीओ की ज्ञापन संबंधी बात हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बीडीपीओ के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी जिससे आक्रोष फैल गया। लेकिन डीएसपी रतनदीप बाली व एसएचओ बलवंत जस्सू ने स्थिति संभाल ली। गुरदास सिंह ने बीडीपीओ पर ज्ञापन लेते समय सही तरीके से बात करने का आरोप लगाया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने डीएसपी को पीएम के नाम ज्ञापन सौंपा।

ये हैं किसानों की मांगें
पीएम के नाम सौंपे गए ज्ञापन में किसान संगठन ने सरकार के समक्ष छह मांगें रखी जिसमें किसानों के सभी बैंक कर्ज माफ करना, स्वामी नाथन रिपोर्ट लागू करना, फसल पर आए खर्च से 50 प्रतिशत ज्यादा मुनाफा देना, सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदने को यकीनी बनाना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वापिस लेना अथवा उक्त प्रिमियम सरकार द्वारा वहन करना, नलकूपों के लिए बिजली व नहरी पानी का प्रबंध किया जाए।
फूलीं रही प्रशासन की सांसें
प्रशासन किसानों के धरने से ज्यादा रोड जाम को लेकर चिंतित थी। ज्यों-ज्यों किसानों की भीड़ बढती रही त्यों-त्यों प्रशासन की धड़कने भी बढती रही। प्रदर्शन में जब करीब 80 किसान ही पहुंचे तो पुलिस प्रशासन ने राहत महसूस की लेकिन भीड़ बढ़ने की आशंका से पुलिस प्रशासन की सांसें फूली रही। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को हालांकि कुछ क्षणों के लिए ही जाम किया लेकिन वे अपनी पूर्व में दी गई चेतावनी को पूरी करने में कामयाब रहे। डीएसपी कोे ज्ञापन सौंपने उपरांत जब सभी प्रदर्शनकारी हाईवे से हटकर बीडीपीओ कार्यालय में गए तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। बाद में सभी प्रदर्शनकारियों को चाय पानी पिलाकर शांत किया गया।
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किसान संगठनों ने ओढां हाईवे किया जाम, भारी पुलिस बल रहा तैनात
सरकार के खिलाफ जताया रोष, डीएसपी को सौंपा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन
भाजपा सरकार में किसानों की आवाज गोलियों से दबाई जाती है: भट्ठी

फोटो:16एसआईआरपी16:सिरसा के गांव ओढां में शुक्रवार को अनाजमंडी से बीडीपीओ कार्यालय की ओर कूच क रते हुए प्रदर्शनकारी किसान।
फोटो:16एसआईआरपी16:सिरसा के गांव ओढां में शुक्रवार को अनाजमंडी से निकलकर नेशनल हाइवे पर यातायात जाम करते प्रदर्शनकारी किसानों को मनाते हुए पुलिस अधिकारी।

फोटो:16एसआईआरपी17:सिरसा के गांव ओढां में शुक्रवार को अनाजमंडी से निकलकर नेशनल हाइवे पर यातायात जाम करते प्रदर्शनकारी किसानों को सड़क से हटाते हुए पुलिस अधिकारी और अन्य।
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फोटो:16एसआईआरपी18:सिरसा के गांव ओढां में शुक्रवार को अनाजमंडी से निकलकर नेशनल हाइवे पर यातायात जाम करते प्रदर्शनकारी किसानों से ज्ञापन लेते हुए डीएसपी।
फोटो:16एसआईआरपी19:सिरसा के गांव ओढां में शुक्रवार को किसानों द्वारा नेशनल हाइवे जाम की सूचना पर मौके पर तैनात पुलिसकर्मी।
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