सिरसा। जिले में पराली प्रबंधन को लेकर बेहतर योजना बनाने पर सोमवार को सुशासन दिवस पर पंचकूला में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उपनिदेशक कृषि डॉ. सुखदेव सिंह को सम्मानित किया। उप कृषि निदेशक डॉ. सुखदेव को गुड गवर्नेंस अवॉर्ड मिला।
कृषि विभाग के उपनिदेशक और उनकी टीम के प्रयासों से पहली बार पराली जलाने के मामलों में 70 फीसदी की कमी आई है। इतना ही नहीं 19 हजार 530 किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पंजीकरण करवाया। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि खुशी की बात है कि उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उप निदेशक कृषि डॉ. सुखदेव सिंह को राज्य स्तरीय अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया है। इससे, दूसरे अधिकारियों को प्रेरणा मिलेगी।
आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 2022 में 356 पराली जलाने के मामले सामने आए थे। इस वर्ष 163 मामले की लोकेशन ट्रेस हुई। हरसेक से प्राप्त 40 फीसदी लोकेशन गलत पाई गई । ऐसे में पहली बार 70 फीसदी पराली जलाने के मामले कम आई है।
पराली जलाने के मामले
वर्ष 2021
कुल मामले - 640 मामले
किसानों को जुर्माना लगाया - 9 लाख रुपये
वर्ष 2022
कुल मामले : 356 मामले
जुर्माना : 4 लाख 62 हजार 500 रुपये।
वर्ष 2023
कुल मामले - 163
जुर्माना - दो लाख 25 हजार के करीब।
विभाग ने यह की व्यवस्था तो मिली कामयाबी
- पराली खरीदने वाली फर्मों से सीधा संपर्क किया।
- पराली खरीदने वाली पंजाब व राजस्थान के उद्योगों से संपर्क किया।
- फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिले के 19 हजार 530 किसानों (165000 एकड़) का पंजीकरण करवाया गया।
- डेलॉइट इंडिया कंपनी के सहयोग से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ जमीन किराये पर लेकर पराली के डंपिंग प्वाइंट बनाए गए।
- प्रशासन ने गोशालाओं को चारे के रूप में धान की पराली खरीदने के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान।
- ऐप के माध्यम से 15 हजार किसानों को बेलर की सुविधा उपलब्ध करवाई।
- पिछले वर्ष की तुलना में 4 गुना अधिक धान की सीधी बिजाई करवाई गई।
उपायुक्त पार्थ गुप्ता के दिशा निर्देशन में जिले में धान के फसल अवशेष प्रबंधन पर कई विशेष कार्य किए गए हैं। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष आगजनी की घटनाएं घटकर लगभग आधी से कम रह गई है। किसानों को मशीनरी उपलब्ध करवाने के साथ साथ जागरूक किया गया है। किसानों का पराली खरीदने वाले एजेंसियों के साथ तालमेल विभाग ने स्थापित किया था। इतना ही नहीं, किसानों को समय पर मशीनरी मिले, इसकी व्यवस्था भी विभाग ने इस बार की है। इसके अतिरिक्त पराली खरीदने वाले पराली को स्टोर कर सके, इसको लेकर लीज पर प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से जमीन मुहैया करवाई गई। इसमें विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग रहा।
-डॉ. सुखदेव सिंह, उप निदेशक कृषि विभाग