सिरसा। जिलावासियों की मांग पर ओटू हेड से राजस्थान बार्डर तक घग्गर नदी के बांध पर रोड का निर्माण किया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 70 किलोमीटर है। इससे घग्गर के आसपास के गांवों में बांध टूटने का खतरा भी कम होगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने एनओसी के लिए सिंचाई विभाग को प्रपोजल भेजा है। इससे पहले मीरपुर से ओटू हेड के बांध पर रोड का निर्माण किया जा चुका है, जबकि खैरेंका से लेकर ओटू हेड तक बांध पर रोड निर्माण का कार्य चल रहा है।
घग्गर नदी में अधिक पानी आने के बाद सिंचाई विभाग की ओर से राजस्थान की तरफ के छोड़ दिया जाता है। पानी अधिक होने के कारण नदी के आसपास के 25 गांवों में बांध टूटने का खतरा बन जाता है। पहले भी कई बार बांध टूटने के कारण किसानों को इसका नुकसान उठाना पड़ा था। बांध को पक्का कर उस पर रोड का निर्माण करने के लिए गांव वासियों की ओर से लंबे समय से मांग उठा रहे हैं। इसके चलते पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने रोड के निर्माण को लेकर बांध के आसपास के क्षेत्र की एनओसी के लिए सिंचाई विभाग को प्रपोजल भेजा है। सिंचाई विभाग की तरफ से रोड निर्माण करने संबंधित एनओसी दिए जाने के बाद ही पीडब्ल्यूडी बीएंडआर की तरफ से मुख्यालय को एस्टीमेट और नक्शा भेजा जाएगा। ओटू हेड से राजस्थान की तरफ घग्गर नदी की लंबाई करीब 70 किलाेमीटर है। इसके बांध पर रोड का निर्माण करने के लिए करीब 40 से 50 करोड़ का खर्च आएगा। संवाद
मीरपुर से ओटू तक के बांध पर बने रोड का बाईपास के रूप में हो रहा इस्तेमाल
मीरपुर से ओटू हेड तक बड़े बांध पर रोड का निर्माण किया जाने के बाद यह बाइपास के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर के बाहरी क्षेत्र से ही वाहन चालक ओटू हेड तक का आसानी से सफर कर रहे हैं। घग्गर नदी के दूसरी तरफ स्थित बांध पहले कच्चा था। इसके पर भी कई वाहन चालक आवाजाही करते है। इसपर अब रोड का निर्माण करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे आसपास के करीब 20 गांवों को लाभ मिलेगा।
वर्जन
ओटू हेड से राजस्थान तक घग्गर नदी के बांध पर रोड का निर्माण किया जाएगा। इसका प्रपोजल बनाकर एनओसी के लिए सिंचाई विभाग को भेजा गया है। एनओसी मिलने के बाद इसके मुख्यालय भेजा जाएगा। मुख्यालय से बजट मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। करीब 70 किलाेमीटर लंबाई में बांध पर रोड का निर्माण किया जाएगा। - कृष्ण कुमार गाेयत, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, सिरसा ।