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13 प्वाइंट रोस्टर के विरोध में सीडीएलयू के शोधार्थी उतरे सड़कों पर, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

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13 प्वाइंट रोस्टर के विरोध में सीडीएलयू के शोधार्थी उतरे सड़कों पर, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
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सिरसा। 13 प्वाइंट रोस्टर के विरोध में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के शोधार्थियों व विद्यार्थियों ने सोमवार को एकत्रित होकर शैक्षणिक संस्थानों में रोष मार्च निकाला। सभी विद्यार्थी व शोधार्थी सर्वप्रथम सीडीएलयू में एकत्रित हुए और यहां से रोष मार्च निकालते हुए अन्य संस्थानों में पहुंचे। शोधार्थियों ने तहसीलदार को अपनी मांगों का ज्ञापन दिया।
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शोधार्थी छात्रा सुनीता, नरेंद्र, मीनू रानी, पूजा, शकीला, दीपिका, मंजीत, पाली, नवीन, अशोक कुमार, श्वेता, अनु, निशा, रामलाल, सुखदेव, बालकृष्ण, अनिल, रवि, दीपक, अनिल, मुकेश, सलीम, मनोहर, हर्ष, हरप्रीत व दिव्या ने बताया कि बीती 22 जनवरी 2019 को 13 प्वाइंट रोस्टर के मामले में भाजपा सरकार ने न्यायालय में कमजोर पक्ष रखकर इस रोस्टर को लागू करा दिया है। इस रोस्टर के वजह से अब विश्वविद्यालयों में विभाग को यूनिट मानकर नियुक्तियां होंगी। जबकि पहले 200 प्वाइंट के नियम से विश्वविद्यालय को यूनिट मानकर नियुक्तियां की जाती थी। शोधार्थी रेखा रानी ने बताया कि मौजूदा सरकार बहुत सोच-समझकर दलितों व पिछड़ों के अधिकारों व उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रही है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहले सरकार ने कोर्ट की आड़ में एससी/एसटी एक्ट को हानि पहुंचाने की कोशिश की और अब 13 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को लागू कर उच्च शिक्षा प्रणाली में दलित पिछड़ों की भागीदारी को सोच समझ कर खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग को यूनिट मानने से दलित, पिछड़ों, आदिवासियों का प्रोफेसर बनने का सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द 13 रोस्टर प्वाइंट को वापस लेकर 200 प्वाइंट रोस्टर प्रणाली को लागू किया जाए । ताकि सामाजिक समानता को हानि ना पहुंचे व उच्चतर शिक्षा व शिक्षण संस्थानों में दलितों में पिछड़ों की समान भागीदारी हो सके।
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