अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिला बार एसोसिएशन ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत का बहिष्कार कर दिया है। बहिष्कार के चलते मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत में कामकाज बिलकुल ठप रहा। एक भी वकील अदालत में पेश नहीं हुआ जिस वजह से सुनवाई के लिए रखे गए सैकड़ों मामलों में न कोई गवाही, न बहस और न ही फैसला सुनाया जा सका। वकीलों के मुंशी ही अदालत में गए और अगली तारीख लेकर वापस आए।
जिला बार एसोसिएशन और सेशन जज के बीच टकराव का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। सुनवाई की आस में अदालत में पेश हुए सैकड़ों पीड़ितों को केवल तारीख लेकर लौटना पड़ा। सेशन जज की अदालत में मंगलवार को सुनवाई के लिए कुछ 46 मामले रखे गए थे। इनमें से 19 मामले सिविल और 27 क्रिमनल केस थे। सुबह जैसे ही वकील अपनी सीटों पर आए उन्हें बार रूम में एक नोटिस चस्पा हुआ मिला। नोटिस में लिखा था कि आगामी फैसले तक जिला बार एसोसिएशन का कोई भी सदस्य जिला न्यायाधीश की अदालत में पेश नहीं होगा।
कार्रवाई की मांग कर रही है बार
जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम सतीश कुमार के बीच गत दिवस किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद बार एसोसिएशन की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर को सीजेएम के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई। न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने कार्रवाई करने से मना कर दिया, जिससे जिला बार एसोसिएशन नाराज हो गई।
जनरल हाउस की बैठक में लिया फैसला
शिकायत पर कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार सुबह जनरल हाउस की बैठक हुई। बैठक में बार प्रधान एवं सीनियर एडवोकेट जीपीएस किंगरे, उपाध्यक्ष भूपेंद्र खट्टर, सचिव अमित गोयल सहित तमाम सदस्य मौैजूद रहे। इस दौरान फैसला लिया गया कि जब तक सेशन जज बार एसोसिएशन की मांग पर कार्रवाई नहीं करती, सेशन कोर्ट का बहिष्कार किया जाएगा। फैसले के चलते कोई भी सदस्य अदालत में पेश नहीं होगा।