अमर उजाला ब्यूरो
चोपटा (सिरसा)।
चोपटा सीएचसी में डॉक्टर के अभाव में आम जनता परेशान हो रही है। बार-बार विरोध जताने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग इस तरफ कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। मंगलवार बाद दोपहर न डॉक्टर था और न ही फार्मासिस्ट। इस वजह से लोगों को ओपीडी स्लिप कटवाने के बाद बिना चेकअप करवाए ट्रेनिंग पर आए लड़के दवाइयां दे रहे थे। इसका वहां मौजूद कुछ लोगों ने विरोध जाहिर करते हुए स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
विरोध जाहिर करने वाले मरीज तिलोक पूनिया हंजीरा, सुभाष, ममता, शारदा, प्रिंस, दर्शना, मोनिका, जगत, विक्रम, इंद्रा, रमन, कर्ण सिंह, सुरेश, जगतपाल का कहना है कि यहां पर न डॉक्टर है और न ही फार्मासिस्ट बल्कि ट्रेनिंग वाले छात्रों से दवाइयां वितरित करवाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि चोपटा सीएचसी में कुल सात मेडिकल ऑफिसर की पोस्टे स्वीकृत हैं, जबकि एक भी मेडिकल ऑफिसर की नियमित ड्यूटी नहीं है। उन्होंने बताया कि मेडिकल ऑफिसर न होने के कारण स्टाफ के सभी कर्मचारियों ने मनमर्जी अपना रखी है और जब मर्जी ड्यूटी के दौरान यहां से चले जाते हैं। इस वजह से चोपटा क्षेत्र के करीब तीन दर्जन गांव के लोगों को अकसर परेशान होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की कोई सेवा उन्हें चोपटा सीएचसी में समय पर नहीं मिलती है।
सीएमओ ने नहीं उठाए कोई सार्थक कदम : डॉ. नवनीत
इस संबंध में डॉ. नवनीत जिनके पास चोपटा सीएचसी के एसएमओ को कार्यभार सौंपा हुआ है का कहना है कि चौपटा सीएचसी में कोई भी नियमित डॉक्टर कार्यरत नहीं है। सीएमओ सिरसा को इस संबंध में कई बार पत्र भेजकर यहां स्टाफ नियुक्त करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन सीएमओ सिरसा की तरफ से इस संबंध में कोई भी सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं। सोमवार को हालांकि उन्होंने दड़बा पीएचसी के डॉ. सुनील को सोमवार चोपटा सीएचसी में भेजा था, अब वो वहां क्यों नहीं है इसका पता किया जाएगा।
मेरे लेवल से बाहर है पोस्टिंग करवाना : सीएमओ
इस संबंध में सीएमओ डॉ. गोविंद गुप्ता ने कहा कि चोपटा सीएचसी में एक भी डॉक्टर कार्यरत नहीं है। डॉक्टर की पोस्टिंग करना सरकार के लेवल का काम है। हर महीने उनकी तरफ से पोस्ट वैकेंट की रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजी जाती है।