अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
कर्ज माफी और स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की मांग को लेकर पिछले बारह दिनों से लघु सचिवालय में धरने पर बैठे किसानों ने आंदोलन को तेज करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। शुक्रवार को किसानों ने सरकार का मूकदर्शक रवैया देखते हुए सोमवार को बडे़ स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।
धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि सोमवार को जिलेभर से हजारों किसान लघु सचिवालय में एकत्रित होंगे। हजारों किसान अर्धनग्न होकर उपायुक्त कार्यालय में सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करके किसानों के हितों में मामले में सोई प्रदेश सरकार को जगाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि देश के सात प्रदेशों की सरकारें किसानों के कर्ज माफी की घोषण कर चुकी हैं, लेकिन हरियाणा सरकार ने अब तक किसानों को राहत पहुंचाने का कोई कार्य नहीं किया है। सरकार किसानों के आंदोलन को गंभीरता से नहीं ले रही। ऐसे में इस बहरी सरकार को जगाने के लिए आंदोलन तेज करना पडे़गा। किसान यूनियन के प्रधान प्रकाश ममेरा ने कहा कि सरकार ने आंदोलनरत किसान से बातचीत को भी तैयार नहीं, अभी तक सरकार का कोई न्यौता किसानों के पास नहीं आया है।
अगर सरकार जल्द नहीं चेती तो हरियाणा भारत में किसान आंदोलन का मुख्य केंद्र बनेगा। किसान नेता कृष्ण ढाका ने कहा कि एक तरफ सरकार केंद्र सरकार बडे़ उद्योगपतियों करोड़ों के कर्जे माफ कर रही है और दूसरी तरफ किसानों को ठेंगा दिखा रही है। अगर बीजेपी सरकार की यही नीति रही तो वो दोबारा सत्ता में आने के सपने छोड़ दे। धरने पर 12वें दिन धरने पर विकल पचार, कृष्ण ढाका, कंवरभान, नेकीराम और हवा सिंह अनशन पर बैठे। इस मौके पर भूप सिंह, सतबीर कड़वासरा, दलीप रायपुर, रामप्रताप हांडीखेड़ा, जितराम, विकास कुमार, लीलू राम , बंसीलाल, कुरड़ा राम, भाग राम, दिनेश, कुलदीप , दलीप, लालचंद, हरफुल हांडीखेड़ा, मोहन लाल, राजेश कुमार, पृथ्वी सिंह आदि मौजूद रहे।
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उपायुक्त कार्यालय के समक्ष हजारों किसान अर्धनग्न होकर करेंगे प्रदर्शन
आंदोलन तेज करने की दिशा में किसानों ने बढ़ाया कदम
12वें दिन जारी रहा किसानों का धरना और अनशन
फोटो:23एसआईआरपी19:सिरसा में शुक्रवार को लघुसचिवालय में कर्ज माफी की मांग को लेकर क्रमिक अनशन पर बैठे किसान।