घूकांवाली कांड: अदालत में पेश हुए दोनों पक्षों के आरोपी, 13 को फैसला सुनाएगी कोर्ट
सिरसा। गांव घूकांवाली में डेरा अनुयायियों व सिखों के बीच हुए टकराव मामले में वीरवार को दोनों पक्षों के आरोपी अदालत में पेश हुए। करीब 11 वर्षों से अदालत में चल रहे इस मामले की सुनवाई का दौर पूरा हो चुका है। इस मामले में सिख धर्म प्रचारक बलजीत सिंह दादूवाल, श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा व दशम पातशाही गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान प्रकाश साहुवाला, महंत रणजीत सिंह त्रिलोकेवाला सहित 14 लोगों पर डेरा अनुयायियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। जबकि डेरा सच्चा सौदा के सात अनुयायी सिखों पर हमले का आरोप है। दोनों ही पक्षों के आरोपी सुबह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जरनैल सिंह की अदालत में पेश हुए और हाजिरी लगाकर चले गए। अदालत ने आरोपियों को लंच बाद फिर से पेश होने का निर्देश दिया था। लंच के बाद दोपहर को सभी आरोपी अदालत में पेश हुए। इसके बाद अदालत ने फैसले के लिए 13 जुलाई की तारीख तय कर दी है।
गौरतलब है कि ओढां थाना क्षेत्र के गांव घूकांवाली में 16 जुलाई 2007 को डेरा अनुयायियों ने नामचर्चा का आयोजन किया था। चर्चा थी कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम खुद सत्संग करने आएंगे। सिख समुदाय ने इसका विरोध किया। इसके बाद डेरा अनुयायियों व सिखों की बीच जबरदस्त झड़प हो गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस फोर्स ने लाठी चार्ज करके दोनों पक्षों को खदेड़ा। झड़प में सिखों व डेरा प्रेमियों को चोटें आईं। ओढां पुलिस ने डेरा प्रेमियों की शिकायत पर सिख धर्म प्रचारक बलजीत सिंह दादूवाल, श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा व दशम पातशाही गुरु द्वारा कमेटी के प्रधान प्रकाश साहुवाला सहित 14 लोगों के खिलाफ धारा 307 सहित अन्य विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया।