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अस्पताल की छत पर पानी की टंकियों को इंटों से ढकने पर महिला आयोग की चेयरपर्सन बोली सिस्टम ठीक करो

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अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने शुक्रवार को 11 बजे सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। निरीक्षण के दौरान चेयरपर्सन को अनेक खामियां मिली, जिस पर उन्होंने रिपोर्ट तैयार कर पहले इस बारे सिविल सर्जन से जवाब तलब करने और फिर रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्री और सरकार को भेजने की बात कही।
चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन सबसे पहले सिविल सर्जन कार्यालय में पहुंची, लेकिन सिविल सर्जन कार्यालय में नहीं मिले। ऐसे में उन्होंने नाराजगी जताई। चेयरपर्सन ने डिप्टी सीएमओ रोहताश से नाराजगी जताते हुए कहा कि हमने दस दिन पूर्व अस्पताल के अधिकारियों को निरीक्षण संबंधी मेल भेजी थी, लेकिन अधिकारियों ने ई-मेल चेक ही नहीं की और मौके पर सीएमओ भी नहीं मिले। डिप्टी सीएम ओ से कहा कि फोन करके सीएमओ को बुलाओ। डिप्टी सीएमओ ने जवाब दिया कि वे डबवाली कोर्ट में एविडेंस के लिए गए हुए हैं। तत्पश्चात आयोग की चेयरपर्सन प्रसूति वार्ड में पहुंची और यहां मरीजों व डॉक्टरों से बातचीत की। मौके पर मरीजों की संख्या ज्यादा और बेड कम मिले। एक बेड पर दो महिलाएं लेटी हुईं थीं। तत्पश्चात अस्पताल में संस्था द्वारा दिए जाने वाले खाने का भी उन्होंने निरीक्षण किया और उसे दुरुस्त पाया। इसके बाद वे शिशु नर्सरी में गए और डॉक्टरों से पूछताछ की। शिशु वार्ड की कार्यप्रणाली भी संतोषजनक थी। अस्पताल के ऊपरी वार्ड में जाने के लिए उन्होंने सीढ़ियों का रास्ता चुना तो अस्पताल प्रशासन ने अपनी कमियां छुपाने के लिए उन्हें वहां से जाने की बजाय दूसरे रास्ते से ले गए।
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विज स्टाइल में छत पर चढ़कर जांची पानी की टंकियां
निरीक्षण के दौरान महिला आयोग की चेयरपर्सन अस्पताल की छत के ऊपर टंकियों का निरीक्षण करने के लिए चढ़ गईं। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से सीढ़ी मंगवाई। टीम सदस्य अस्पताल के ऊपरी भवन पर पहुंचे और पेयजल की टंकियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टंकियों में मिट्टी और गंदगी मिली, जिस पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को तुरंत सफाई करवाकर इन्हें दुरुस्त करने के आदेश दिए। चेयपर्सन ने टंकियों पर ढक्कन की बजाय ईंट से ढकने पर नाराजगी जताई और कहा कि सिस्टम को ठीक करो। जब टीम सदस्यों ने अस्पताल प्रबंधन से सफाई के बारे में पूछा तो उन्होंने हर दो महीने बाद सफाई की बात कही। बता दें कि हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी कई जिलों में अस्पताल की पानी की टंकियों की जांच की थी।

आयोग सदस्य सुमन बेदी करेंगी निरंतर निरीक्षण : प्रतिभा सुमन
चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने बताया कि महिला आयोग की सदस्या व सिरसा प्रभारी सुमन बेदी निरंतर अस्पताल का निरीक्षण करेंगी और जो भी कमियां होंगी, उनकी रिपोर्ट तलब कर सरकार को भेजी जाएगी। अस्पताल में अनियमितताओं बारे पूछने पर उन्होंने बताया कि जो भी कमियां मिली हैं, उन बारे सीएमओ से जवाब तलब किया जाएगा और रिपोर्ट विभाग और सरकार को भेजी जाएगी। अस्पताल में दवाओं की किल्लत बारे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि इस बारे सरकार व विभाग को अवगत करवाया जाएगा। वहीं, ऐलनाबाद निवासी पीड़ित महिला रेणु के बारे पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सीएमओ से जवाब तलब किया जाएगा और अगर विभाग के अधिकारियों ने महिला को जान बूझकर परेशान किया है तो अधिकारी के खिलाफ तुरंत प्रभाव से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

ऐलनाबाद की शिकायत पर कार्रवाई का दिया आश्वासन
ऐलनाबाद निवासी रेणु पत्नी हरविंद्र, जोकि पिछले करीब 4 सालों से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का शिकार हैं, ने भी आज महिला आयोग की चेयरपर्सन से मिलकर समस्या से अवगत करवाया, जिसके बाद चेयरपर्सन ने इस बाबत सीएमओ से जवाब तलबी कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पीड़िता ने बताया कि उसके एक बच्ची है और करीब 4 वर्ष पूर्व उसके गुर्दे में पत्थरी थी। उसने पहले सिविल अस्पताल में दिखाया, यहां से डॉक्टरों ने उसे रैफर कर दिया। इसके बाद वह डेरा स्थित अस्पताल में चली गई, जहां डाक्टर ने दूरबीन से आप्रेशन की बात कही। इसके बाद आप्रेशन वाले दिन बेहोशी का इंजेक्शन लगाने के बाद डॉक्टर ने दूरबीन से आप्रेशन न होने की बात कही, जिसपर परिजनों ने आप्रेशन के लिए हामी भर दी। आरोप है कि आप्रेशन के कुछ दिन बाद उसे दर्द रहने लगा। उसने कई बार डॉक्टर को दिखाया, लेकिन हर बार वह उसे दवा देकर वापस भेज देता। आखिर में डॉक्टर ने ये जवाब दिया की उसके दर्द तो रहेगा, चाहे कहीं भी दिखा लो। इसके बाद वह गंगानगर में दो-तीन डॉक्टरों के बाद गई और जांच करवाई, जहां उन्होंने कुछ और ही दिक्कत बताई। आप्रेशन के बाद से महिला गर्भवती भी नहीं हो पाई।

थाने पहुंच चेयरपर्सन तो महिलाओं ने सुनाया अपना दुखड़ा
खारिया निवासी शर्मीला ने बताया कि उसकी शादी 2007 में फरवाई कलां निवासी प्रदीप से हुई। कुछ सालों तक तो ठीक ठाक चलता रहा लेकिन इसके बाद प्रदीप ने उसके साथ किसी न किसी बात को लेकर झगड़ा करना शुरू कर दिया। इस बारे कई बार पंचायत भी हो चुकी है लेकिन काई फैसला न हो सका। उसके दो बच्चे हैं। लड़का 7 साल का व लड़की 9 साल की है। 2016 में पंचायत में फैसला हुआ। उसे व बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने की बात कहकर साथ ले गया। जिसके बाद कहने लगा कि पंचायत का फैसला मेरे लिए कुछ भी नही व उसे मारने की धमकी भी देने लगा। शर्मीला ने बताया कि प्रदीप कई बार उसे मारने की धमकी भी दे चुका है। शर्मीला ने बताया कि प्रदीप अक्सर बच्चों के साथ भी मारपीट करता था। शर्मीला ने बताया कि प्रदीप ने 2016 में उसे पीट-पीट कर घर से निकाल दिया। मुझे इंसाफ चाहिए कहते हुए शर्मीला और उसकी मां दोनों फूट-फूट कर रोने लगी। महिला आयोग की टीम ने दोनों को सांत्वना देते हुए कहा आपके साथ जरूर न्याय होगा। इसके बाद महिला आयोग ने महिला थाने की पुलिस अधिकारियों को खूब फटकार लगाई व मामले पर जल्द ही संज्ञान लेने को कहा।
सिरसा निवासी मीनाक्षी ने बताया कि उसकी शादी ढाई साल पहले भट्टू कलां निवासी सुनील कुमार के साथ हुई थी, सुनील उसकी रिश्तेदारी में ही था। इसलिए शादी हो गई। एक साल तक तो सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा। लेकिन एक साल बाद सुनील ने उसे तंग करना शुरू कर दिया। मीनाक्षी ने बताया कि सुनील कहता है कि वह उसके साथ रहना ही नही चाहता व ज्यादातर बाहर ही रहता है।
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सीडीएलयू में छात्रावास में सुरक्षा का किया निरीक्षण
थाने के बाद महिला आयोग की टीम सीडीएलयू में महिला छात्रावास पहुंच गई। वहां पर तीनों छात्रावास का निरीक्षण किया। जानकारी अनुसार आयोग की चेयरपर्सन ने बनाने के लिए रखी हुई दाल में कंकर मिलने पर नाराजगी जताई। इसी दौरान छात्राओं ने पेयजल की समस्या भी बताई। आयोग की चेयरपर्सन ने सेनेटरी पैड की मशीन चैक की। सीडीएलयू की चीफ वार्डन मोनिका वर्मा ने कहा कि छात्राओं ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की। उन्होंने दाल में कंकर मिलने से इंकार किया।
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