अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिले की अनाज मंडियों में इन दिनों गेहूं की आवक जोरों पर है पर उठान न होने से मंडी में रास्ते बंद हो गए हैं। लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी में किसान को गेहूं की फसल उतारने के लिए ने जगह मिल रही है और न ही मंडी तक जाने के लिए रास्ते। जिले में अब तक 3194046 क्ंिवटल गेेहूं की खरीद हुई है जिसमें से करीब 25 प्रतिशत गेहूं का उठान हुआ है यानि 713912 क्विंटल गेहूं ही उठाया गया है। मार्केट कमेटी के चेयरमैन हनुमान कुंडू का कहना है कि गेहूं तेजी से उठान के लिए अधिकारियों और ठेकेदार को निर्देश दे दिए गए हैैं।
इन दिनों अनाजमंडी और अधिकतर खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक जोरों पर है। सिरसा में 788883 क्विंटल, डबवाली में 787138 क्विंटल, कालांवाली में 406267 क्विंटल,ऐलनाबाद में 530222 क्विंटल, रानियां में 532893 क्विंटल, डिंग में 148650 क्विंटल यानि कुल 3194046 क्विंटल गेहूं की सोमवार शाम तक खरीद हुई, जिसमें से सिरसा में 133065क्विंटल, डबवाली में128660 क्विंटल, कालांवाली में 41800 क्विंटल, ऐलनाबाद में 381327 क्विंटल, रानियां में 11500 क्विंटल, डिंग में17560क्विंटल गेहूं का उठान हुआ है। जिले की मंडियों में कुल 713912 क्विंटल क ा ही उठान हुआ है यानि 2480134 क्विंटल गेहूं मंडी में पड़ी हैै।
गेहूं के सीजन में अनाजमंडी के भीतरी क्षेत्र के साथ-साथ आसपास की आवासीय कालोनियों में भी गेहूं की ढेरियां और गट्ठों की भरमार लगने से आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी के भीतर गेहूं उठान की मांग को लेकर आढ़ती एसोसिएशन हड़ताल करके अपना रोष प्रदर्शन कर चुकी है और प्रशासन के हस्तक्षेप से ठेकेदार ने जल्द उठान का भरोसा देकर हड़ताल समाप्त करवा दी है, जबकि बाहरी क्षेत्रों में स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। अनाजमंडी रोड जिस पर शनिदेव मंदिर और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहित अनेक बैंक, सीएम कॉलेज का रास्ता और ए, बी, ई, पुरानी हाउसिंग बोर्ड कालोनी आदि आवासीय क्षेत्रों को जोड़ने वाले लगभग सभी मार्गों पर गेहूं भरा पड़ा है। इन रास्तों पर पैदल आना जाना भी कठिन है और लोगों को अपने घरों या कार्य स्थल पर पहुंचने के लिए अनेक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं आवासीय क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम काफी पीड़ादायक होता है और गेहूं के कारण प्रदूषित होने वाली हवा से बुजुर्गों का सांस लेना भी कठिन हो जाता है। विशेष रुप से सांस की तकलीफ वाले लोगों को यह पीड़ा और असहनीय हो जाती है। हालांकि मार्केट कमेटी ने लिखित आदेश जारी करके प्रमुख मार्गों और आवासीय क्षेत्र में गेहूं का भराव करने को निषेध घोषित किया है और जुर्माना लगाने का प्रावधान है इसके बावजूद मंडी के चारों ओर गेहूं के ढेर लगे हुए हैं और उठान करने वाली एजेंसियां पूरी तरह सुस्त हैं।
कोई सुविधा नहीं है
उठान की बहुत गंभीर समस्या है सुविधा तो दूर की बात है। कोई भी किसी प्रकार की सुविधा नहीं है मंडी में न नहाने की न बैठने की न रहने की न सोेने की न खाने की। रात को बिजली का कट लग जाता है, जबकि अब बिजली की बहुत जरू रत है। सरकार दावा करती है कि 72 घंटों में भुगतान कर दिया जाएगा पर आज तक किसी भी एजेंसी ने नहीं किया है। जब भुगतान आढ़तियाें के पास ही नहीं आती तो किसानों क ो कहां से देंगे। उठान न होने पर सड़कों पर ढेरियां लगी पड़ी हैं रास्ता जाम है। सरकार के सारे वादे झूठे हैं।
-राजेंद्र नेहरा, आढ़ती।
उठान न होगा सबसे बड़ी समस्या
उठान कम हो रहा है। प्रशासन ने कहा है कि तीन दिन में हम सब सही कर देंगे। आवक ज्यादा होने के बाद भी उठान कम है। सरकार ने कहा है कि 72 घंटे में जमींदारों को भुगतान करेंगे। पर अभी तक नहीं हो रही है। उठान नहीं होगा तो किसान गेहूं कहां पर उतारेगा। सारे रास्ते बंद है। उठान हो जाए तो सबसे बड़ी समस्या दूर हो जाएगी।
- विजेंन्द्र पचार, आढ़ती।
उठान नहीं हो रहा रहा है। मंडी की ओर जाने वाले सभी रास्ते बंद होते जा रहे है। दुकानदार और वार्र्ड के लोग परेशान। किसान इस बात को लेकर परेशान है कि गेहूं कहां पर उतारा जाए। सरकार को सबसेे पहले गेहूं का उठान और उसके भुगतान की ओर ध्यान देेना होगा।
-सुभाष कस्वां, आढ़ती।