अमर उजाला ब्यूरो
कालांवाली।
नगर पालिका प्रधान की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट कई नगर पार्षदों ने बुधवार को उपायुक्त सिरसा को शपथ पत्र सौंपकर प्रधान सोनू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है। अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर सभी पार्टियों के समर्थित नगर पार्षद एकजुट होने से प्रधान की कुर्सी पर खतरा मंडराने लगा है।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका चुनावों में किसी भी पार्टी को भी पूर्ण बहुमत नहीं मिला था जिसके चलते इनेलो-भाजपा ने मिलकर प्रधान व उपप्रधान का चुनाव लड़ा था जिसमें इनेलो का प्रधान व भाजपा का उपप्रधान के नाम पर सहमति हुई थी। इसके चलते वार्ड दो की पार्षद इनेलो की सोनू को प्रधान व वार्ड 11 के भाजपा समर्थित पार्षद मनीष जिंदल को उपप्रधान चुना गया था। हालांकि प्रधान व उपप्रधान पद का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है लेकिन दोनों पार्टियों के गठबंधन होने के चलते डेढ़-डेढ़ साल का पंचायती समझौता हुआ था। लेकिन प्रधान द्वारा अपने पद से इस्तीफा न देने पर कुछ दिन पूर्व इनेलो के नगर अध्यक्ष प्रवीण रोड़ी की दुकान पर इनेलो-भाजपा नेताओं की एक गुप्त बैठक हुई थी। इसमें तय हुआ था कि प्रधान द्वारा इस्तीफा न देने की स्थिति में उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। बैठक में सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी, इनेलो हलका प्रधान भरपूर सिंह गदराना व भाजपा नेता राजेंद्र सिंह तथा समर्थित पार्षदों ने भाग लिया था।
कौन-कौन है विरोध में
पालिका प्रधान सोनू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर बुधवार को वार्ड तीन की नगर पार्षद पूजा, चार की रजनी, वार्ड छह की शालू सिंगला, वार्ड सात के अमरजीत जिंदल, वार्ड आठ के अमृतपाल, वार्ड नौ के राजीव गर्ग, वार्ड 11 के मनीष जिंदल, वार्ड 12 के हरबंस सिंह, वार्ड 15 की सुलोचना देवी ने उपायुक्त से मुलाकात की और प्रधान की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की जबकि वार्ड पांच के नगर पार्षद संदीप वर्मा को कोर्ट में काम होने के चलते उसका शपथ पत्र भी इन पार्षदों ने उपायुक्त सिरसा को सौंपा और वार्ड दस के नगर पार्षद गोबिंद सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सभी नगर पार्षदों का समर्थन करने का दावा किया।
हमें कोई जानकारी नहीं लेकिन फैसले का स्वागत है
वहीं वार्ड-13 की पार्षद अनु गोयल व 14 के पार्षद हर्ष बांसल ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं दी गई लेकिन इसके बावजूद वे इस फैसले का स्वागत करते हैं। पंचायती तौर पर हुए फैसले को सिरे चढ़ाना जरूरी था। प्रधान व उपप्रधान की ओर से पंचायती फैसले में देरी करने के कारण ही अविश्वास प्रस्ताव लाना पड़ा।
इन शर्तों पर हुआ था गठबंधन
पहले डेढ़ वर्ष इनेलो का प्रधान व भाजपा का उपप्रधान, उसके बाद डेढ़ वर्ष भाजपा का प्रधान व इनेलो का उपप्रधान और बाकी कार्यकाल के लिए यही समझौता तय हुआ था जिसके लिए बाकायदा डेरा बाबा मंढाला में शपथ भी उठाई थी। समझौते के तहत गठबंधन के दूसरे कार्यकाल में वार्ड तीन की पार्षद पूजा को प्रधान व उपप्रधान के लिए किसी का नाम तय नहीं हुआ था। लेकिन अब प्रधान द्वारा गठबंधन पर खरा न उतरने पर अब नए सिरे से समझौता तय किया जा सकता है जिसमें प्रधान व उपप्रधान पद के लिए किस की लॉटरी लगती है यह तो भविष्य ही बताएगा। फिलहाल उक्त मामला मंडी में चर्चा का विषय बना रहा।
पार्टी हाईकमान का आदेश मानेंगे
नगर पालिका प्रधान प्रतिनिधि विनोद कुमार ने कहा कि वे इनेलो समर्थित हैं जब सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी व अन्य नेताओं द्वारा उससे प्रधान पद से इस्तीफा मांगा गया था तो उस समय वे बाहर थे। अब वे पार्टी हाईकमान के आदेश पर ही पद से इस्तीफा देंगे।
किस पाटी के कितने पार्षद
इनेलो समर्थित -पार्षद वार्ड नौ के राजीव गर्ग, वार्ड-12 के हरबंस सिंह, प्रधान सोनू शामिल हैं।
भाजपा समर्थित- वार्ड तीन की पार्षद रजनी, चार की पूजा, 11 के मनीष जिंदल व 15 की सुलोचना देवी शामिल है।
कांगेस समर्थित- वार्ड एक की सुनीता नागर, पांच के संदीप वर्मा, छह की शालू सिंगला, सात से अमरजीत जिंदल, आठ से अमृतपाल गर्ग, 13 की अनु रानी, 14 के हर्ष बांसल शामिल हैं जबकि वार्ड 10 के पार्षद गोबिंद सिंह ने पार्टी सबंधी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की।
गठबंधन पर खरा नहीं उतरी पार्षद प्रधान तो विरोध में उतरे अन्य पार्षद