फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirsa News: नशे के लिए एक ही सिरिंज का इस्तेमाल बना रहा एचआईवी का शिकार

Sat, 25 Jul 2026 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में एचआईवी मरीजों की संख्या 3500 पार, जून में मिले 39 नए एचआईवी मरीज
विज्ञापन




असुरक्षित यौन संबंधों से अधिक नशे की लत से फैल रही एचआईवी बीमारी





हितेश चतुर्वेदी
सिरसा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार नशे के इंजेक्शन के लिए एक ही सिरिंज का बार-बार व साझा इस्तेमाल संक्रमण फैलने का एचआईवी संक्रमण कारण बनकर सामने आया है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि संक्रमितों में करीब 80 प्रतिशत युवा हैं। इनमें से अधिकांश की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है।
जिले में एचआईवी संक्रमितों की संख्या 3500 से अधिक पहुंच चुकी है जबकि वर्ष 2019 में यह आंकड़ा केवल 939 था। जून 2026 के दौरान जिले में 39 नए एचआईवी संक्रमित मिले हैं।
विज्ञापन

एड्स कंट्रोल कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. प्रतीक गोयल ने बताया कि संक्रमित युवाओं में करीब 60 प्रतिशत नशे का इंजेक्शन लगाने के दौरान साझा सिरिंज का उपयोग करने के कारण इस बीमारी की चपेट में आए हैं।
30 प्रतिशत मामले असुरक्षित यौन संबंधों और 10 प्रतिशत संक्रमित रक्त के कारण सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि नशे की लत से पीड़ित कई युवा एक-दूसरे की इस्तेमाल की हुई सिरिंज का उपयोग करते हैं।
इससे एचआईवी वायरस तेजी से फैलता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने, कभी भी साझा सुई या सिरिंज का उपयोग नहीं करने व समय-समय पर एचआईवी जांच कराने की अपील की।
सभी दोस्त एक ही सिरिंज का इस्तेमाल करते थे
23 वर्षीय संक्रमित युवक कहना है कि वह नशे का इंजेक्शन लगाने का आदी था। सभी दोस्त एक साथ एक ही सिरिंज का इस्तेमाल करते थे। कुछ महीनों बाद लगातार बुखार व कमजोरी होने पर उसने जांच कराई तो वह एचआईवी संक्रमित पाया गया।
पैसे बचाने के लिए सिरिंज साझा करता था
25 वर्षीय संक्रमित युवक का कहना है कि वह नशे की लत के कारण रोजाना इंजेक्शन का इस्तेमाल करता था। पैसे बचाने के लिए वह अन्य नशा करने वालों के साथ सिरिंज साझा करता था। कुछ समय बाद जांच में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। संवाद
विज्ञापन

कोट्स
एचआईवी संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर माह 35 से 40 लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। इनमें से 60 प्रतिशत मरीज नशे के आदी निकले। ये एक ही सिरिंज का इस्तेमाल इंजेक्शन के लिए करते थे। साथ ही इन्होंने असुरक्षित यौन संबंध भी बनाए। विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान भी चलाया जा रहा है।
-डॉ. प्रतीक गोयल, नोडल अधिकारी एड्स कंट्रोल कार्यक्रम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें