संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शनिवार को किसानों के लिए राहत भरी खबर आई। जब पहली बार जिले में हिन्दुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड कंपनी की ओर से सिरसा में 34,500 बैग डीएपी के भेजे गए। डीएपी पहुंचने पर जिला कृषि अधिकारी डा सुखदेव कंबोज व एजेंसी के सदस्यों ने फूल मालाओं से डीएपी का स्वागत किया। इसके साथ ही खुशी जताई कि किसानों को अब खाद के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। रविवार को खाद का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
जिले में डीएपी को लेकर तीन बार इस सीजन में किसान जाम लगा चुके हैं। जाम के कारण जहां आमजन को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं, किसान भी परेशान होते हैं क्योंकि उन्हें डीएपी नहीं मिलती है। जिसके लिए वह अपने सारे काम छोड़कर खरीद एजेंसियों के बाहर खड़े रहते हैं।
जानकारी के अनुसार देश के पारादीप बंदरगाह से मालगाड़ी के जरिए ये खाद सिरसा रेलवे गोदाम पर पहुंची। कंपनी के राज्य अधिकारी धर्मेंद्र व जिला अधिकारी कार्तिक चौधरी का कहना है कि उनकी कंपनी की पहली बार खाद सिरसा आई है। खाद से लदी मालगाड़ी सिरसा रेलवे स्टेशन पहुंची तो डीडीए व हैफेड डीएम ने इसका स्वागत किया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने खाद वाले मालगाड़ी के डिब्बे का रिबन काटा।
17,000 बैग जाएंगे हैफेड की सोसायटियों में
डीडीए डा सुखदेव कंबोज ने बताया कि डीएपी को लेकर शनिवार को आए रैक से 34500 बैग सिरसा को मिले हैं। इनमें से 17000 बैग का आवंटन हैफेड करेगा। आज देर शाम तक हैफेड का माल उनकी सोसायटियों में पहुंच जाएगा। बाकी माल दूसरे खरीद केंद्रों में पहुंचेगा। जहां से किसानों को आवंटित किया जाएगा। कृषि अधिकारियों की मौजूदगी में सारी डीएपी का आवंटन होगा। डीएपी की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है। उम्मीद है जल्द ही कुछ ओर रैक भी डीएपी की आएंगे। जिससे जिले की मांग पूरी हो जाएगी। जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक 8 हजार मीट्रिक टन डीएपी की मांग है। 30 प्रतिशत के आस पास धान का रकबे की कटाई तेजी से चल रही है। वहीं, 15 नवंबर के बाद गेहूं की बिजाई में देरी हो रही है। इसलिए बड़े स्तर पर किसान गेहूं की बिजाई में लगे हुए है। यही कारण है कि डीएपी की मांग बढ़ रही है।
470 काटे जा चुके हैं एडवांस टोकन
अधिकारियों के अनुसार शहर में डीएपी को लेकर आने वाले किसानों को एडंवास में टोकन बांटे जा चुके हैं। 300 टोकन एक दिन बांटे गए थे और 170 एक दिन बांटे गए हैं। ऐसे में जिन किसानों को पहले टोकन दिए जा चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर डीएपी दी जाएगी।