कालांवाली। किसानों ने रविवार को गेहूं की खरीद ना होने पर मार्केट कमेटी कार्यालय पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होेंन मार्केट कमेटी के अधिकारियों के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
किसानों ने आरोप लगाया कि वे करीब एक सप्ताह से गेहूं अनाज मंडी में बेचने के लिए आए हुए है, लेकिन जानबूझकर नमी चेक ना करके उनके गेहूं की खरीद नहीं की जा रही। इस दौरान मार्केट कमेटी कार्यालय में स्थित किसान विश्राम गृह में अस्थायी तौर पर रह रहे एसडीएम मनोज खत्री किसानों की सरकार के खिलाफ नारेबाजी सुनकर बाहर आए। उन्होंने मार्केट कमेटी अधिकारियों को बाहर बुलाकर किसानों की समस्याएं सुनी। इसके बाद उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव मेजर सिंह व अन्य कर्मचारियों को किसानों की फसल की नमी चेक करके तुरंत खरीद करने के निर्देश दिए। मार्केट कमेटी के सचिव मेजर सिंह ने अनाज मंडी का निरीक्षण कर आढ़तियों व किसानों की समस्याएं सुनी। इसके अलावा उन्होंने किसानों से अपील की कि वे गीली गेहूं की फसल की कटाई ना करे और मंडी में फसल को सुखाकर लेकर आए। ताकि उन्हे बाद में किसी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़ा।
इससे पहले किसान भूरा सिंह निवासी गांव पक्का शहीदां, भजन सिंह निवासी गांव तारूआना, गुरतेज सिंह निवासी गांव असीर, नछत्तर सिंह निवासी गांव देसूमलकाना, बिंदर सिंह निवासी गांव सिंघपुरा, शमशेर सिंह निवासी जंडवाला जटान, अमरजीत सिंह निवासी गांव देसूमलकाना, नेहरू सिंह गांव जगमालवाली ने बताया कि कई दिनों से गेहूं की फसल लेकर अनाज मंडी में आए हुए है। उन्होंने बताया कि एक तरफ सरकार की ओर से हर बार किसानों को बेहतर सुविधा देकर फसलों के उचित दाम देने के झूठे वादे किए जाते हैं। जोकि हर बार धरातल पर खोखले साबित होते हैं। उन्होंने बताया कि वे अपना सारा काम काज छोड़कर पिछले कई दिनों से अनाज मंडी में बैठे है। लेकिन प्रशासन के अधिकारियों की ओर से पहले उनकी फसल खरीदनी तो दूर की बात, उनकी फसलों की नमी भी चेक नहीं की जा रही। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से 12 प्रतिशत तक की नमी वाली गेहूं खरीदने के निर्देश दिए हुए है। जबकि अधिकारियों की ओर से 12 प्रतिशत नमी वाली गेहूं की भी खरीद नहीं की जा रही। इसके अलावा किसानों ने कहा कि अनाज मंडी में पीने के लिए पानी, बैठने, बिजली, सफाई आदि का कोई प्रबंध नहीं है। इसके अलावा किसान विश्राम गृह की भी कोई उचित जानकारी नहीं दी जा रही। उन्होंने मांग की है कि सरकार 15 प्रतिशत नमी वाली गेहूं की भी खरीद करे।