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चुनाव आते ही डेरे में नतमस्तक होने पहुंचे नेता

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सिरसा। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसा साध्वी यौन शोषण मामले और छत्रपति हत्याकांड में जेल में सजा भुगत रहे हैं। पंचकूला और सिरसा में हुई हिंसा के बाद डेरे से कन्नी काटने वाले राजनेता अब चुनावों में फिर से डेरे के समक्ष नतमस्तक होने के लिए आ गए है। रविवार को डेरा सच्चा सौदा सिरसा ब्लाक की साध संगत ने बेगू रोड पर एक निजी रिसोर्ट में नाम चर्चा की थ्री।
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डेरे का 29 अप्रैल को 71 वां स्थापना दिवस है। वहीं हरियाणा में 12 मई को लोकसभा चुनाव भी है और उसके बाद अक्तूबर में विधानसभा का भी कार्यकाल पूरा हो रहा है। ऐसे में रविवार को नाम चर्चा में साध संगत के दर्शन करने के बहाने से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की पत्नी अवंतिका माकन तंवर, नवीन केडिया भी गए। जबकि इससे पहले युवा भाजपा नेता गोकुल सेतिया और पूर्व विधायक कृष्ण कंबोज भी नामचर्चा में पहुंच गए। गोकुल सेतिया संगत के बीच बैठ गए। डेरे का 29 अप्रैल को 71 वां स्थापना दिवस है। जिसमें कि पंजाब, हरियाणा की संगत के पहुंचने की उम्मीद है।
अंदर जाने की बजाए बाहर एक घंटा लैब में बैठाया
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की पत्नी अवंतिका तंवर जब शाम को निजी रिसोर्ट में चल रही नाम चर्चा में शामिल होने के लिए पहुंची तो डेरा पदाधिकारियों ने गेट पर ही उन्हें रोक लिया। उन्होंने हाथ जोड़ते हुए उन्हें कहा कि यह कोई राजनैतिक कार्यक्रम नहीं है। बल्कि डेरे का धार्मिक कार्यक्रम है। उनके साथ आए कांग्रेसी नेता नवीन केडिया भी थे। डेरा पदाधिकारियों ने सभी कांग्रेसी नेताओं को रिसोर्ट के सामने बनी एक लैब में बैठा दिया। करीब एक घंटे तक उन्हें वहीं पर ही बैठाए रखा। रानियां से आए इनेलो विधायक रामचंद्र कंबोज को भी रिसोर्ट में नहीं जाने दिया और उन्हें भी सामने उसी लैब में बैठा गया। वहीं पर डेरा पदाधिकारी सहदेव चक्का ने भी उनसे मुलाकात की। डेरा पदाधिकारियों ने कहा कि वे इसलिए नेताओं को अंदर नहीं भेज रहे, ताकि कोई अपनी नाराजगी न व्यक्त कर दें। हालांकि काफी समय बाद डेरा प्रबंधकों ने उन्हें नाम चर्चा में शामिल होने के लिए एक बार अंदर जाने दिया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए डेरा के पदाधिकारी सहदेव चक्का ने कहा कि यह एक धार्मिक कार्यक्रम था। हमने किसी भी राजनेता को नहीं बुलाया। नेता खुद आए है। डेरा प्रेमियों को किसी से कोई गिले शिकवे नहीं है। नाम चर्चा में किसी भी पार्टी को वोट देने की बात नहीं कही गई। संगत ने कहा कि वे एकजुट रहेंगे। हमने यह दिन डेरे के स्थापना दिवस के रूप में मना रहे हैं। उनका दावा है कि सिरसा में डेरे के दो से तीन लाख वोटर है। वहीं मीडिया से बातचीत में रानियां से इनेलो विधायक रामचंद्र कंबोज ने कहा कि उसका तो जन्म ही डेरे में हुआ है। भाजपा ने डेरे के साथ गद्दारी की है।
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भाजपा ने डेरे के साथ गद्दारी की: अवंतिका माकन तंवर
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ अशोक तंवर की धर्मपत्नी अवंतिका माकन तंवर ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा ने बीजेपी को समर्थन दिया था। लेकिन बीजेपी ने डेरा के साथ गद्दारी की। मेरा परिवार हमेशा डेरा के साथ था, है और हमेशा रहेगा। मैं खुद बच्चों के साथ रूबरू नाइट में आती रही हूं। कई बार डेरा में गई हूं। हमने बच्चों के साथ कई बार खाना खाया। मैं एक राजनेता की पत्नी के तौर पर नहीं ब्लकि धार्मिक भावनाओं के तहत आई हूं। डेरा का आशीर्वाद हर कोई चाहता है, लेकिन साथ मिले या ना, लेकिन वे सदैव डेरे में आती रहेगी।
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