अमर उजाला ब्यूरो
ओढां।
अपनी मांगों को लेकर बीते दिन पंचकू ला में मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने के बाद आक्रोषित सरपंचों ने शुक्रवार को बड़ागुढ़ा व ओढां में बीडीपीओ कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। ओढां में सरपंचों की बीडीपीओ कार्यालय को ताला लगाने की मंशा थी लेकिन पुलिस ने उसे नाकाम कर दिया। इसके बाद सरपंच धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
सरपंचों द्वारा मुख्यमंत्री से वार्ता विफल होने के बाद तालाबंदी की चेतावनी के चलते पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट था। इसके चलते बीडीपीओ कार्यालय पर पुलिस तैनात की गई थी। इस धरना प्रदर्शन में ब्लॉक से करीब 25 लोग थे जिनमें कुछ सरपंच व कुछ अन्य लोग शामिल थे। लेकिन ग्राम सचिवों ने पूरी तरह से दूरी बनाए रखी लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से वे साथ थे। सरपंचों ने मुख्य द्वार को ताला लगाने के लिए जैसे गेट बंद करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से मना करते हुए कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। अगर प्रदर्शन करना है तो वे अपने दायरे में रहकर करें। इसके बाद सभी लोग गेट से अंदर धरने पर बैठ गए। सरपंचों ने सरपंच एकता जिंदाबाद व सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाकर अपनी भड़ास निकाली।
इस प्रदर्शन में कुछ सरपंच तो पार्टीबाजी को लेकर प्रदर्शन में सामने नहीं आए तो कुछ आने के बाद भी राजनीतिक कारणोें के चलते इधर-उधर छिपते नजर आए। ओढां खंड की 37 पंचायतों में से 25 लोग तो वहीं बडागुढा खंड की 44 पंचायतों में से 30 पंचायतों के सरपंच एकत्र हुए। इस प्रदर्शन के दौरान दोनों खंड कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। इस प्रदर्शन में खूफिया तंत्र विभाग ये जानकारी जुटाता नजर आया। गौरतलब हो कि बीते वीरवार को पंचकूला में मुख्यमंत्री ने हरियाणा ग्राम सचिव वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान नरेश कुमार सहित नौ ग्राम सचिवों को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए थे।
उधर बडागुढ़ा खंड कार्यालय में भी सरपंचों ने एसोसिएशन के प्रधान बलजीत सिंह की अध्यक्षता में रोष प्रदर्शन किया। ओढां एसोसिएशन के प्रधान गुरमीत सिंह ने बताया कि सरकार एक तरफ तो नए प्रस्ताव पारित कर रही है और दूसरी तरफ सुविधाएं मुहैया नहीं करवा रही। उन्होंने बताया कि ई-प्रणाली लागू करने से उन्हें कोई समस्या नहीं है और न ही वे सरकार का कोई क ार्य रोकने की मंशा बना रहे लेकिन सरकार इसके लिए संसाधन तो मुहैया करवाए।