दुष्कर्म का आरोप नहीं हो पाया साबित, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। महिला से अभद्रता व मारपीट के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते एक दोषी को पांच व तीन को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में महिला ने उससे दुष्कर्म करने का आरोप भी लगाया था लेकिन उक्त आरोप कोर्ट में साबित नहीं हो पाया।
पुलिस को दिए बयान में ओढां थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने बताया था कि उसका पति एक आपराधिक मामले में जेल में है। 21 नवंबर 2021 की रात को वह अपने बच्चों के साथ घर पर सोई हुई थी। कमरे के दरवाजे की कुंडी ठीक से काम नहीं कर रही थी। अचानक उसके कमरे का दरवाजा खुला गया।
उसने देखा कि उसका जेठ कालू राम वहां खड़ा था। उसने उसका मुंह बंद कर दिया और धमकी दी कि अगर शोर मचाया तो वह उसके बेटे को मार डालेगा। फिर जेठ ने जबरन उससे दुष्कर्म किया। डर के मारे उसने किसी को कुछ नहीं बताया। कालू राम ने उसे धमकी दी कि वह उसके पति को जेल से बाहर नहीं आने देगा। कुछ दिन बाद उसका पति जेल से पैरोल पर बाहर आया गया।
25 जनवरी 2022 को उसने पति को सारी आपबीती बता दी। गुस्से में वह कालू राम के घर की ओर भागा। जहां कालू राम ने उसके पति पर ईंट से हमला कर दिया। राजेंद्र प्रसाद व राजपाल ने भी उस पर हमला किया। महिला ने पुलिस को बताया कि जब वह वहां पहुंची तो पटेल गोदारा ने उसकी गर्दन पकड़ ली और उसके कपड़े फाड़ दिए।
महिला ने बताया कि कालू राम व पटेल गोदारा उसके साथ मारपीट करने लगे। बाद में पटेल गोदारा ने उसे जाति सूचक गालियां दीं। इसके बाद वह अपने पति को लेकर घर पहुंची। पुलिस ने महिला का बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में दुष्कर्म का आरोप साबित नहीं हुआ।
शुक्रवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने आरोपी पटेल गोदारा को महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला करने का दोषी करार देते हुए उसे पांच साल कैद व 29 हजार रुपये जुर्माना और कालू राम, राजेंद्र व राजपाल को तीन साल कैद की सजा सुना दी।